DA Hike Before 8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग से पहले करीब 49 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मियों और 68 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी (DA-DR Hike) का इंतजार है. वित्त वर्ष 2025-26 के अंतिम DA हाइक का ऐलान जनवरी 2026 में ही होना था, जिसमें लगातार देर हो रही है. जनवरी बीता, फरवरी बीता और मार्च भी. अप्रैल में भी 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन DA Hike का ऐलान नहीं हुआ है. अब इस पर 2 बड़े अपडेट सामने आए हैं. एक इसकी घोषणा में देरी को लेकर है, जो कि आफत जैसा है, जबकि दूसरा बड़ा अपडेट है कि कर्मचारी संगठनों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस संबंध में पत्र लिखे हैं. ये अपडेट, उम्मीद और राहत भरा है.
दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की घोषणा में हो रही रिकॉर्ड देरी ने कर्मचारियों और पेंशनर्स की बढ़ती चिंता के बीच CCGAW यानी 'कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स' और AINPSEF यानी 'ऑल इंडिया NPS एम्प्लाइज फेडरेशन' ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने और जल्द से जल्द DA बढ़ोतरी की घोषणा करने का आग्रह किया है.
दोनों संगठनों ने पत्र में क्या लिखा है?
ऑल इंडिया NPS एम्प्लाइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने NDTV से बातचीत में बताया कि संगठन की ओर से उन्होंने वित्त मंत्री को लिखे पत्र में एक गंभीर बात की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा कि इस देरी से कर्मचारियों में ये डर बैठ गया है कि कहीं कोविड काल की तरह इस बार भी महंगाई भत्ता 'फ्रीज' न कर दिया जाए. इससे कर्मचारियों के मनोबल पर बुरा असर पड़ रहा है.

वहीं, दूसरी ओर CCGAW के महासचिव एसबी यादव ने पत्र में कहा, 'आमतौर पर जनवरी से देय DA/DR की घोषणा मार्च के आखिरी हफ्ते तक हो जाती है और अप्रैल के पहले हफ्ते में तीन महीने का एरियर मिल जाता है. लेकिन इस बार अब तक घोषणा न होने से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच भारी असंतोष और आशंका का माहौल है.'
15 सालों में ऐसा नहीं हुआ, कहीं चुनाव तो वजह नहीं!
मंजीत सिंह पटेल ने कहा, 'पिछले 15 सालों में कभी ऐसा नहीं हुआ कि जनवरी माह में देय महंगाई भत्ता (DA) बढ़ोतरी, अप्रैल माह तक जारी न की गई हो. अप्रैल में भी इतने दिन बीत जाने के बावजूद महंगाई भत्ते की घोषणा नहीं की गई है. कर्मचारियों और पेंशनर्स को आशंका है कि DA कहीं फ्रीज न कर दिया जाए. ऐसा हुआ तो कर्मचारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.
इसके अतिरिक्त कर्मचारियों के बीच ये धारणा भी बन रही है के इस बिलंब का कारण पश्चिम बंगाल और असम में हो रहे विधानसभा चुनाव तो नहीं. पटेल ने केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण से तत्काल प्रभाव से DA जारी करने की मांग की है ताकि कर्मचारियों का मनोबल बढ़े और सरकार के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हो.
देरी की क्या वजह, कितन बढ़ जाएगा DA?
आमतौर पर सरकार होली या दिवाली जैसे त्योहारों के आसपास DA का तोहफा देती है. साल 2025 में होली के 14 दिन बाद यानी 28 मार्च को घोषणा की गई थी. विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की देरी सरकार की किसी नीतिगत बदलाव का संकेत नहीं है. विशेषज्ञों के अनुसार प्रशासनिक प्रक्रिया को देरी के संभावित कारणों में देखा जा रहा है. उनका कहना है कि अप्रूवल साइकिल और कागजी कार्यवाही में लगने वाला समय, देरी की वजह हो सकते हैं. आठवें वेतन आयोग के गठन और उसकी ओर बढ़ते कदमों के साथ प्रशासनिक तालमेल बिठाने की वजह से भी घोषणा में थोड़ा वक्त लग सकता है.
मौजूदा DA की बात करें तो फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को मूल वेतन के 58% की दर से DA मिल रहा है.AICPI-IW के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से DA में 2% की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है, जिससे ये 60% पर पहुंच सकता है. कर्मचारियों के लिए राहत की बात ये है कि घोषणा चाहे जब भी हो, कर्मचारियों और पेंशनर्स को जनवरी 2026 से अब तक का पूरा एरियर (Arrears) दिया जाएगा. फिलहाल, सबकी निगाहें कैबिनेट के अगले फैसले पर टिकी हैं.
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