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ATF में इजाफा, विदेश के लिए ज्यादा महंगी होगी हवाई यात्रा, घरेलू उड़ानों पर कम असर

जानकारों का मानना है कि अगर ये राहत नहीं दी जाती, तो घरेलू हवाई सफर आम आदमी की पहुंच से बाहर हो सकता था. सरकार के इस संतुलित कदम से घरेलू विमानन क्षेत्र में स्थिरता बनी रहेगी. साथ ही व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिए हवाई कनेक्टिविटी सुचारू रहेगी.

ATF में इजाफा, विदेश के लिए ज्यादा महंगी होगी हवाई यात्रा, घरेलू उड़ानों पर कम असर
घरेलू हवाई सफर नहीं होगा महंगा. (AI फोटो)
  • सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू एयरलाइंस के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में बड़ी वृद्धि वापस ली है
  • इंडियन ऑयल ने दिल्ली में एटीएफ की कीमतें एक महीने में सौ प्रतिशत से अधिक बढ़ाई थीं, लेकिन इसे घटाया गया
  • घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ की नई कीमतें दिल्ली में लगभग एक लाख चार हजार रुपये प्रति किलोलीटर तय की गई हैं
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नई दिल्ली:

एक अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही हवाई यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर आई है. सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू एयरलाइंस (Domestic Airlines) के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में ₹1,00,000 प्रति किलोलीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी के अपने फैसले पर बड़ा 'यू-टर्न' लिया है. सरकार के समय रहते हस्तक्षेप के कारण अब घरेलू उड़ानों के किराए में भारी बढ़ोतरी का खतरा टल गया है, हालांकि अंतरराष्ट्रीय रूट पर सफर करना काफी महंगा साबित होगा.

चंद घंटों में बदला फैसला

बुधवार सुबह इंडियन ऑयल ने एटीएफ की कीमतों में ऐतिहासिक वृद्धि का ऐलान किया था. दिल्ली में एटीएफ की कीमतें 96,638.14 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़ाकर सीधे 2,07,341.22 रुपये प्रति किलोलीटर कर दी गई थीं. यह महज एक महीने में 114.55% की भारी बढ़ोतरी थी, जिससे आम यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया था.

लेकिन, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद तेल कंपनियों ने कुछ ही घंटों में इस बढ़ोतरी को वापस ले लिया. अब नई दरों के अनुसार, दिल्ली में एटीएफ की कीमत केवल 1,04,927  रुपये प्रति किलोलीटर होगी, यानी कीमतों में महज 8.5% का इजाफा किया गया है.

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विदेशी उड़ानों पर पड़ेगा पूरा बोझ

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के हिसाब से कीमतों में 100% से ज्यादा की वृद्धि अनिवार्य थी. घरेलू यात्रियों को महंगाई से बचाने के लिए सरकार ने एक 'कैलिब्रेटेड अप्रोच' अपनाते हुए घरेलू एयरलाइंस पर बढ़ी हुई कीमतों का केवल 25% बोझ (लगभग 15 रुपये प्रति लीटर) ट्रांसफर करने का फैसला किया है.

वहीं, विदेशी रूटों पर चलने वाली अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस और अन्य ऑपरेटर्स (जैसे चार्टर और नॉन-शेड्यूल्ड फ्लाइट्स) को कोई राहत नहीं दी गई है. उन्हें बढ़ी हुई कीमतों का पूरा बोझ उठाना होगा, जिसके चलते उनके लिए एटीएफ की दरें ₹2,07,341.22 प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई हैं.

प्रमुख शहरों में एटीएफ की नई दरें 

  • दिल्ली: 1,04,927 रुपये प्रति किलोलीटर
  • कोलकाता: 1,09,450 रुपये प्रति किलोलीटर
  • चेन्नई: 1,09,873 रुपये प्रति किलोलीटर
  • मुंबई: 98,247 रुपये प्रति किलोलीटर

जानकारों का मानना है कि यदि ये राहत न दी जाती, तो घरेलू हवाई सफर आम आदमी की पहुंच से बाहर हो सकता था. सरकार के इस संतुलित कदम से घरेलू विमानन क्षेत्र में स्थिरता बनी रहेगी. साथ ही व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिए हवाई कनेक्टिविटी सुचारू रहेगी.
 

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