विज्ञापन

5 साल की उम्र में शुरू किया एक्टिंग करियर, 28 में बनी डायरेक्टर, 45 में 500 करोड़ में बना डाली भारत की सबसे वॉयलेंट मूवी

5 साल की उम्र में सुपरस्टार मोहनलाल के साथ डेब्यू करने वाली गीतू मोहनदास ने ऑस्कर एंट्री फिल्म 'लायर्स डाइस' बनाई और अब यश स्टारर 500 करोड़ बजट की ‘टॉक्सिक’ से मेनस्ट्रीम सिनेमा में बड़ा धमाका किया है.

5 साल की उम्र में शुरू किया एक्टिंग करियर, 28 में बनी डायरेक्टर, 45 में 500 करोड़ में बना डाली भारत की सबसे वॉयलेंट मूवी
टॉक्सिक की डायरेक्टरक अजब-गजब कहानी, 5 से शुरू करियर, 45 तक पहुंचा टॉप पर
youtube
नई दिल्ली:

पांच साल की उम्र में एक्टिंग करियर शुरू किया. पहली ही फिल्म में साउथ सुपरस्टार मोहनलाल के साथ काम किया. फिर कुछ समय तक एक्टिंग में हाथ आजमाया और 28 की उम्र में आते ही डायरेक्शन की दुनिया में कदम रखा. 2009 में एक फिल्म बनाई और 2014 में बनाई फिल्म इतनी कमाल की थी कि ऑस्कर तक पहुंच गई. अब 45 की उम्र में अपने फिल्मी करियर का सबसे बड़ा धमाल कर दिया है. 500 करोड़ रुपये के बजट में भारत की सबसे वॉयलेंट फिल्म बना डाली है और ऐसी फिल्म है जिसे बच्चे नहीं देख सकते. 

अगर अभी तक आप हमारा इशारा नहीं समझे हो तो लीजिए बता देते हैं कि हम बात कर रहे हैं एक्टर-डायरेक्टर गीतू मोहनदास की. गीतू मोहनदास की फिल्म 'टॉक्सिक' 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है और इसका बजट 500 करोड़ रुपये से ज्यादा बताया जा रहा है.

गीतू मोहनदास, चाइल्ड आर्टिस्ट से फिल्म डायरेक्टर तक

गीतू मोहनदास (असली नाम गायत्री दास) का जन्म 8 जून 1981 को कोच्चि (केरल) में हुआ. पांच साल की उम्र में ही उन्होंने मलयालम फिल्म 'ओन्नु मुथल पूज्यम वारे' (1986) से एक्टिंग की शुरुआत की, जिसमें मोहनलाल के साथ काम किया और केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट जीता. आगे चलकर 'अकाले' जैसी फिल्मों में बेहतरीन अभिनय से केरल स्टेट और फिल्मफेयर अवॉर्ड्स जीते. 2009 में अभिनय छोड़कर उन्होंने निर्देशन की ओर कदम बढ़ाया.

'टॉक्सिक' के एक इवेंट में गीतू मोहनदास ने बताया कि 'जो फिल्म (लायर्स डाइस) आपने देखी, वे महज 50 लाख रुपये में शूट हुई थीं और 2014 में ऑस्कर पहुंचीं. लेकिन किसी ने मुझ पर विश्वास नहीं किया और पैसा नहीं दिया. मैं कोशिश करती रही और थोड़ी बड़ी फिल्म 'मूथॉन' बनाई. संघर्ष जारी रहा. और फिर मैंने देश की सबसे बड़ी फिल्म 'टॉक्सिक' बनाई, सबसे बड़े स्टार यश के साथ. उन्होंने मुझ पर विश्वास किया. जब यश ने विश्वास किया, तब बाकी सबने भी मुझ पर विश्वास करना शुरू कर दिया.'

लो बजट से पैन इंडिया फिल्मों तक का सफर

उनकी पहली फीचर फिल्म 'लायर्स डाइस' (2014) ने उन्हें दुनियाभर में पहचान दिलाई. यह सामाजिक-राजनीतिक ड्रामा सनडांस फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर हुई, दो राष्ट्रीय पुरस्कार जीते और भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में 87वें अकादमी अवॉर्ड्स में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगरी के लिए भेजी गई.

इसके बाद 'मूथॉन' (2019) आई, जिसमें निविन पॉली ने मुख्य भूमिका निभाई. सनडांस फिल्म लैब से मेंटरशिप और ग्लोबल फिल्ममेकर अवॉर्ड जीतने वाली इस फिल्म ने उनकी कहानी कहने की क्षमता को और मजबूत किया. फिर भी बड़े प्रोडक्शन हाउस उन्हें मौका देने से कतराते रहे.

500 करोड़ बजट, 26 अगस्त को रिलीज

अब 'टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' के साथ गीतू ने मेनस्ट्रीम सिनेमा में धमाकेदार एंट्री की है. यह यश की स्टारर गैंगस्टर एक्शन ड्रामा है. नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत लीड रोल में हैं. सिनेमैटोग्राफर उनके पति राजीव रवि हैं, फिल्म का बजट लगभग 500 करोड़ रुपये है. फिल्म 26 अगस्त को रिलीज हो रही है.

गीतू की कहानी भारतीय सिनेमा में महिलाओं के लिए प्रेरणा है. बाल कलाकार से अवॉर्ड विनिंग इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर और फिर पैन-इंडियन ब्लॉकबस्टर डायरेक्टर बनने तक उन्होंने साबित किया कि मेहनत की राह में देर है, अंधेर नहीं.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Geetu Mohandas, Toxic, Yash, Hindi Songs, Entertainment
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com