गोविंदा सिनेमा में धर्मेंद्र सिर्फ अपनी दमदार एक्टिंग और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस के लिए ही मशहूर नहीं रहे, बल्कि उनके ऊपर फिल्माए गए गानों ने भी कई दशकों तक दर्शकों का मनोरंजन किया है. कभी रोमांटिक अंदाज में तो कभी मस्ती भरे तेवर में धर्मेंद्र ने पर्दे पर गानों को अलग रंग दिया. उनकी फिल्मों के कई गीत आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल हैं. कुछ गाने ऐसे हैं जिन्हें सुनते ही पुराने प्यार की याद आती है, तो कुछ मन को सुकून देते हैं. वहीं इस लिस्ट में एक ऐसा गाना भी है, जो आज भी किसी पार्टी में बज जाए तो लोग अपने कदम रोक नहीं पाते. आइए जानते हैं धर्मेंद्र के 8 यादगार गानों के बारे में.
मैं निगाहें तेरे चेहरे से हटाऊं कैसे
धर्मेंद्र के शुरुआती दौर के खूबसूरत गानों में ‘मैं निगाहें तेरे चेहरे से हटाऊं कैसे' का नाम लिया जाता है. फिल्म ‘आपकी परछाइयां' का यह गीत मोहम्मद रफी की आवाज में था. धर्मेंद्र के रोमांटिक अंदाज ने गाने को पर्दे पर और खास बना दिया. पुराने दौर की मोहब्बत और सादगी इस गाने में साफ महसूस होती है.
पल पल दिल के पास
फिल्म ‘ब्लैकमेल' का यह गाना धर्मेंद्र के सबसे लोकप्रिय रोमांटिक गीतों में शामिल है. किशोर कुमार की आवाज और धर्मेंद्र का रोमांटिक अंदाज इस गाने की जान थे. आज भी जब पुराने हिंदी फिल्मी रोमांस की बात होती है, तो यह गाना लोगों की जुबान पर जरूर आता है.
आज मौसम बड़ा बेईमान है
धर्मेंद्र और मुमताज पर फिल्माया गया ‘आज मौसम बड़ा बेईमान है' भी अपने दौर का बेहद लोकप्रिय गीत रहा. फिल्म ‘लोफर' के इस गाने को मोहम्मद रफी ने आवाज दी थी. गाने की धुन और दोनों कलाकारों की स्क्रीन केमिस्ट्री इसे यादगार बनाती है.
मैं जट यमला पगला दीवाना
लिस्ट में पांचवें नंबर पर है धर्मेंद्र का वो गाना, जिसे आज भी सुनते ही पैर थिरकने लगते हैं. फिल्म ‘प्रतिज्ञा' का ‘मैं जट यमला पगला दीवाना' धर्मेंद्र के देसी और मस्तमौला अंदाज की पहचान बन गया. गाने में उनका डांस और एक्सप्रेशंस आज भी लोगों को खूब पसंद आते हैं. यही वजह है कि इसे 70s के एवरग्रीन डांस नंबर्स में गिना जाता है.
ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे
‘शोले' का यह गाना धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन की दोस्ती को पर्दे पर अमर कर गया. बाइक पर दोनों का सफर और गाने के बोल आज भी दोस्ती के रिश्ते को बयां करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. किशोर कुमार और मन्ना डे की आवाज ने इसे और यादगार बना दिया.
ओ मेरी महबूबा
‘ओ मेरी महबूबा' फिल्म धर्म वीर (1977) का यादगार रोमांटिक गीत है, जिसमें धर्मेंद्र और जीनत अमान की जोड़ी नजर आई थी. मोहम्मद रफी की आवाज और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत ने इस गाने को खास बना दिया.
कोई हसीना जब रूठ जाती है तो
‘कोई हसीना जब रूठ जाती है' में धर्मेंद्र का मस्तमौला और रोमांटिक अंदाज खूब पसंद किया गया. किशोर कुमार की आवाज और हेमा मालिनी संग उनकी केमिस्ट्री ने इस गाने को यादगार बना दिया.
रफ्ता-रफ्ता देखो आंख मेरी लड़ी है
फिल्म कहानी किस्मत की का यह रोमांटिक गाना धर्मेंद्र और रेखा पर फिल्माया गया था. किशोर कुमार और आशा भोसले की आवाज में यह गीत दोनों की नटखट केमिस्ट्री और 70s के रोमांस को खूबसूरती से दिखाता है.
धर्मेंद्र के इन गानों की खासियत यही है कि हर गीत उनका अलग अंदाज दिखाता है. कहीं वह रोमांटिक हीरो नजर आते हैं, कहीं दोस्ती निभाते हैं तो कहीं अपने देसी अंदाज से डांस फ्लोर पर छा जाते हैं. यही वजह है कि दशकों बाद भी उनके गाने पुराने नहीं लगे और आज की प्लेलिस्ट में भी सुनाई देते हैं.
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