नई नवेली (Nayyi Navelli) बीते दिनों सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. इस फिल्म में एक्ट्रेस यामी गौतम (Yami Gautam) नजर आई हैं. वैसे तो इस फिल्म में काफी ऐसे दिग्गज एक्टर्स हैं, जिन्होंने सपोर्टिंग किरदार निभाए हैं. जिसमें सबसे पहले नाम 90 की दशक की दिग्गज एक्ट्रेस सुष्मिता मुखर्जी (Sushmita Mukherjee) का नाम है. सुष्मिता मुखर्जी ने अपने करियर में कॉमेडी से लेकर विलेन तक के किरदार निभाए हैं. सुष्मिता मुखर्जी बॉलीवुड का वो चेहरा हैं. जो हमेशा एक नया चैलेंज स्वीकार करती हैं और अपनी एक्टिंग से प्रोजेक्ट को सफल बना देती हैं, हाल ही में सुष्मिता मुखर्जी ने फिल्म नई नवेली के अलावा काफी मुद्दों को लेकर अपनी राय रखी.
बॉलीवुड में बदलाव
61 वर्षीय सुष्मिता मुखर्जी ने कहा कि फिल्म नई नवेली में मैंने 82 साल की दादी का किरदार निभाया है जो इंग्लिश बोलती है और उसकी पोते की बहू ने उसको इंग्लिश सिखाई है. जब सुष्मिता मुखर्जी से पूछा गया कि हम आपको वर्सेटाइल एक्ट्रेस कह सकते हैं ? इस बात पर एक्ट्रेस ने कहा कि मैं एनएसडी से पास आउट हूं. हमने एक्टिंग की ट्रेनिंग ली है. हमको हीरोइन नहीं बनना था, हमको अलग-अलग किरदार करने हैं. हम हर वो किरदार से रूबरू होना चाहते हैं, जिसको हम पसंद करते हैं. किरदार क्या होता है, एक टुकड़ा होता है, उस टुकड़े को पहचानना चाहते हैं.
आगे उन्होंने कहा, पहले के समय में बहुत ही लाउड एक्टिंग होती थी. लेकिन अब ऐसा नहीं होता आज के समय बहुत ही रियलिस्टिक हो चुका है और नई नवेली में भी बहुत सारी चीज रियलिस्टिक है. बॉलीवुड में आए बदलाव को लेकर एक्ट्रेस ने कहा कि बॉक्स ऑफिस ही बता रहा है कि बॉलीवुड में कितना बदलाव आ चुका है. अब तो इंटरनेट पर सब कुछ पता चल जाता है. लेकिन 80-90 के दशक में ये पता नहीं चल पाता था. इस समय हर चीज एक्सपोज्ड है. आप कुछ भी चीज नहीं छुपा सकते. जब भी फिल्म रिलीज होती है. कुछ दिनों में ही रिजल्ट सामने आ जाता है.
बदलाव आ चुके
बॉलीवुड में इतने करोड़ों की फिल्में बन रही हैं. लेकिन वो सफल नहीं हो पा रही हैं. जैसे मैं एक बड़ा उदाहरण हनुमान अंश है. अब कुछ दूसरी चीज देखना चाहिए. बॉलीवुड में कास्टिंग प्रोसेस को लेकर एक्ट्रेस ने कहा कि काफी यंग बच्चे हैं जो ऑडिशन लेते हैं. मुझे लगता है कि वो अपना काम कर रहे हैं. इन दिनों पुराने जमाने जैसा नहीं है कि पुराने एक्टर्स को ले लो. इन दिनों मैचिंग देखते हैं कि परिवार की कास्टिंग पर फिट हो रहे हैं या नहीं. इन दिनों सुंदरता का महत्व नहीं रहा. इन दिनों लड़कियां गोरी, काली या मोटी है. उनको भी काफी अच्छे किरदार मिल रहे हैं. एक किरदार है, जिसमें साड़ी पहनना है और मां का किरदार निभाता है. उस किरदार के लिए तो आपको बिल्कुल मां की तरह दिखना होगा. पहले हीरो हीरोइन सुंदर होते थे. बाकी लोग सपोर्टिंग रहते थे. अब वही सपोर्ट कास्ट शानदार काम कर रहे हैं.
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