कुछ कुछ होता है 1998 में रिलीज हुई थी. फिल्म हिट हुई थी और इसके गानों ने तो रिकॉर्ड ही तोड़ दिए. इसका टाइटल ट्रैक तो हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और रोमांटिक गानों में से एक है. इसे उदित नारायण और अलका याग्निक ने गाया है. वहीं संगीतकार है जतिन-ललित. गाने के बोल समीर ने लिखे हैं. यह शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी पर फिल्ममाया गया था. 90 के गानों के बारे में जिक्र हो और कुछ कुछ होता है का नाम ना लिया जाए, ऐसा नहीं हो सकता. आज हम इस गाने के मेकिंग के बारे में बताने जा रहे हैं...
हा ही में गीतकार समीर ने कोमल नाहटा के साथ बातचीत की और उन बैनरों और फिल्म निर्माताओं के बारे में बात की, जिनके साथ उन्होंने वर्षों से काम किया. समीर ने कहा, यश चोपड़ा और उनके प्रोडक्शन हाउस के साथ काम करने में मेरा समय बहुत अच्छा गुजरा. मैंने उनके साथ ज्यादा काम नहीं किया है. मैंने आइना (1993), ये दिल्लगी (1994), धूम (2004), धूम 2 (2006) और धूम 3 (2013) के लिए गाने लिखे. उनके यहां काम करने का मजा है क्योंकि बहुत ज्यादा सेंसिबिलिटी के साथ काम होता है. उनके साथ काम करते समय आपको ऐसा लगेगा जैसे आप उनके परिवार का हिस्सा हैं. वे सिनेमा, शिल्प, गीत, कविता आदि को समझते हैं.
कुछ कुछ होता है के बोल पर डेविड धवन के रिएक्शन को याद किया
समीर ने आगे कहा, मैंने बी आर चोपड़ा के लिए 3 फिल्में लिखीं - कल की आवाज (1992), बागबान (2003) और बाबुल (2006). मैं आपको बागबान के दौरान चोपड़ा साहब के योगदान के बारे में नहीं बता सकता. करण जौहर के साथ काम करना अच्छा लगा. मैंने उनके साथ केवल दो फिल्में कीं - कुछ कुछ होता है (1998) और कभी खुशी कभी गम (2001), लेकिन जो काम करने की समझ उस आदमी में है, खास कर संगीत को लेके, यह सराहनीय है.
समीर ने खुलासा किया, एक समय पर जतिन-ललित ने कभी खुशी कभी गम लगभग छोड़ दिया था. उन पर अलग-अलग पीढ़ियों के इतने सारे सितारों की मौजूदगी का दबाव था. मैंने उनसे कहा, 'ये फिल्म आप लोग मत छोड़ो. बस करण को फॉलो करो.' मैंने वही किया. गाना 'से शावा शावा' मुश्किल था, क्योंकि इसमें बहुत सारे कलाकार थे - अमित जी भी हैं, जया जी भी हैं, शाहरुख- रानी- काजोल भी हैं. लेकिन करण जौहर इतनी बारीकी से बताते हैं कि मुझे पता भी नहीं चला मैंने कभी खुशी कभी गम के गाने कब लिख दिये.
समीर ने फिर शुरू किया, कुछ कुछ होता है का पहला गाना, जो रिलीज हुआ था. वह था, 'तुम पास आए, यूं मुस्कुराए'. डेविड धवन ने गाना सुना. उन्होंने फोन किया और मुझसे कहा, 'बड़ा गंदा गाना लिखा है तूने, यार. मेरी पिक्चर में ऐसा गाना लिखना मत.' (हंसते हुए). मैंने उससे पूछा, 'तेरी पिक्चर का गाना है? तू क्यों परेशान हो रहा है? जाने दे ना'. उन्होंने कहा, 'मेरी फिल्म के गाने भी रिलीज हुए हैं.' बाद में यह गाना ब्लॉकबस्टर साबित हुआ. गाने के बोल इतने लोकप्रिय हुए कि आज तक हर पीढ़ी के पसंदीदा हैं. इस गाने को यूट्यूब पर करोड़ों में व्यूज हैं.
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