टीचर्स डे अब सिर्फ ब्लैकबोर्ड और रिपोर्ट कार्ड तक सीमित नहीं रह गया है. हमें कई यादगार शिक्षक और मार्गदर्शक म्यूजिक स्कूल, कोचिंग सेंटर, कोर्टरूम, गांवों और जिंदगी के मुश्किल दौर में भी मिले हैं. ये किरदार सिर्फ हमें कोई विषय नहीं सिखाते, बल्कि हमारी जिंदगी को आकार देते हैं, हमारी सोच को चुनौती देते हैं और ऐसी सीख देते हैं जो फिल्म या सीरीज खत्म होने के बाद भी हमारे साथ रहती है. इस टीचर्स डे पर नजर डालते हैं ओटीटी के उन टाइटल्स पर, जिनमें मेंटर्स, गाइड्स और ऐसे किरदार नजर आते हैं जो अनोखे अंदाज में शिक्षक की भूमिका निभाते हैं.
1.जगमे संगीतम् (प्राइम वीडियो)
‘जगमे संगीत' संगीत के जरिए गुरु और शिष्य के बीच के हमेशा बने रहने वाले रिश्ते को दिखाता है. वैकुंठपुरम की पृष्ठभूमि में बनी यह सीरीज शास्त्रीय परंपराओं को दिखाती है. इसमें शास्त्री (प्रकाश राज) अपने पोते का मार्गदर्शन करते हैं, जिसका किरदार अक्षय लगुसानी ने निभाया है. यह कहानी बताती है कि एक गुरु और शिष्य का रिश्ता सिर्फ प्रतिभा तक सीमित नहीं होता, बल्कि अनुशासन, विरासत और भरोसे पर भी टिका होता है.
2. बंदिश बैंडिट्स (प्राइम वीडियो)
‘बंदिश बैंडिट्स' की कहानी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक कला को पहुंचाने के बारे में है. पंडित राधेमोहन राठौड़ (नसीरुद्दीन शाह) की कड़ी ट्रेनिंग से लेकर राधे (ऋत्विक भौमिक) के अपनी खुद की पहचान और आवाज तलाशने तक, यह सीरीज खूबसूरती से दिखाती है कि अच्छे शिक्षक हमें हमारी क्षमता पहचानने के लिए प्रेरित करते हैं.
3. कोटा फैक्ट्री (नेटफ्लिक्स)
बहुत कम शोज ने शिक्षक की भूमिका को ‘कोटा फैक्ट्री' जितने अलग अंदाज में दिखाया है. जीतू भैया सिर्फ फिजिक्स के शिक्षक नहीं हैं, बल्कि छात्रों के मेंटर, काउंसलर और भावनात्मक सहारे भी हैं. वह छात्रों को उनकी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर में आगे बढ़ने में मदद करते हैं.
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4. एस्पिरेंट्स (प्राइम वीडियो)
यूपीएससी की तैयारी सिर्फ परीक्षा देने तक सीमित नहीं है और ‘एस्पिरेंट्स' हमें यही याद दिलाता है. संदीप भैया, अभिलाष के ऐसे मेंटर बन जाते हैं, जिसकी उन्होंने खुद भी उम्मीद नहीं की थी. इस पूरी कहानी में मेंटर और एक परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र का रिश्ता दिखाता है कि मुश्किल रास्ते पर साथ चलने वाले लोगों से हमें मार्गदर्शन के साथ-साथ कई बार मतभेद और टकराव भी मिलते हैं.
5. रॉकेट बॉयज़ (सोनीलिव)
कुछ शिक्षक सिर्फ एक क्लासरूम को प्रभावित करते हैं, जबकि कुछ पूरे देश को आकार देते हैं. ‘रॉकेट बॉयज़' होमी भाभा और विक्रम साराभाई के जरिए वैज्ञानिक मार्गदर्शन की कहानी दिखाता है. यह बताता है कि कैसे सोच, जिज्ञासा और नेतृत्व की भावना आने वाली पीढ़ियों के इनोवेटर्स को प्रेरित कर सकती है.
6. क्रिमिनल जस्टिस: अ फैमिली मैटर (जियोहॉटस्टार)
माधव मिश्रा भले ही एक वकील हैं, लेकिन हर केस उनके लिए सहानुभूति, न्याय और इंसानियत की एक नई सीख लेकर आता है. शो में शिवानी को मेंटर करने के दौरान माधव का किरदार साबित करता है कि जिंदगी की सबसे मुश्किल परिस्थितियां ही कई बार हमारी सबसे बड़ी शिक्षक बन जाती हैं.
7. मिथ्या (ज़ी5)
‘मिथ्या' में हुमा कुरैशी और अवंतिका दसानी के किरदारों के बीच एक प्रोफेसर और छात्रा का रिश्ता दिखाया गया है, जो आगे चलकर एक अप्रत्याशित मोड़ लेता है. यह साइकोलॉजिकल थ्रिलर दिखाती है कि ताकत, प्रभाव और मार्गदर्शन का रिश्ता किस तरह खतरनाक स्थिति में बदल सकता है. यही वजह है कि यह ओटीटी पर शिक्षक और छात्र के रिश्ते की सबसे अलग कहानियों में से एक है.
8. आदर्श बाल विद्यालय (प्राइम वीडियो)
हाल के समय में बहुत कम शोज ने स्कूल की जिंदगी को ‘आदर्श बाल विद्यालय' जितनी गर्मजोशी और सच्चाई से दिखाया है. इसके शिक्षक और छात्र हमें याद दिलाते हैं कि शिक्षा सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि दयालुता, आत्मविश्वास और एक-दूसरे का साथ देना भी उतना ही जरूरी है. इस कहानी में प्रधानाचार्य ज्ञानेश्वर त्रिपाठी और छात्रों का रिश्ता खास तौर पर देखने लायक है.
9. हाफ सीए (प्राइम वीडियो)
बड़े होने के दौरान हमें ऐसे मेंटर्स की जरूरत होती है जो किताबों से आगे जाकर हमारी परेशानियों को समझ सकें. ‘हाफ सीए' उन युवाओं की कहानी है जो चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की तैयारी कर रहे हैं और पढ़ाई, उम्मीदों और खुद पर होने वाले संदेह के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं. यह उन शिक्षकों और मार्गदर्शकों की अहमियत को दिखाता है जो इस सफर को थोड़ा आसान बना देते हैं.
10. 13th: सम लेसन्स आरंट टॉट इन क्लासरूम्स (सोनीलिव)
यह प्रभावशाली डॉक्यूमेंट्री साबित करती है कि शिक्षा सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं है. ‘13th: सम लेसन्स आरंट टॉट इन क्लासरूम्स' दर्शकों को इतिहास, व्यवस्था और समाज पर सवाल उठाने के लिए प्रेरित करती है. यही वजह है कि टीचर्स डे पर देखने के लिए यह एक सोचने पर मजबूर करने वाली डॉक्यूमेंट्री है.
इस टीचर्स डे पर ये कहानियां हमें याद दिलाती हैं कि सबसे प्रभावशाली शिक्षक हमेशा ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े नहीं होते. कई बार वे मेंटर, माता-पिता, दोस्त, प्रोफेशनल्स या खुद जिंदगी होती है, जो हमें ऐसी सीख देकर जाती है जो हमेशा हमारे साथ रहती है.
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