सलमान खान और ऐश्वर्या राय ने अपने करियर में एक साथ कई फिल्में की जो सालों बाद भी लोगों की पसंदीदा फिल्मों की लिस्ट में बनी हुई हैं. लेकिन उनकी एक फिल्म ने तो लोगों को उनकी केमिस्ट्री का दीवाना ही बना दिया था. सिर्फ इस फिल्म की कहानी ही नहीं, बल्कि इसके गाने भी दर्शकों को खूब पसंद आए. फिल्म के एक गाना था जो गुजराती लोक रंग और शानदार डांस की वजह से खास बन गया. इस गाने में सलमान और ऐश्वर्या का डांस, इसके बोल और संगीत ने इसे गरबा के लिए परफेक्ट सॉन्ग बना दिया. 27 साल पहले आया ये गाना आज भी गरबा और डांडिया नाइट पर खूब बजता है. इस गाने पर लड़के और लड़कियां जमकर डांस करते हैं. तो चलिए जानते हैं कौन सा हो वा गाना, जो आज भी लोगों का फेवरेट गरबा सॉन्ग बना हुआ है.
गुजराती रंग में रंगा था पूरा गाना
साल 1999 में आई संजय लीला भंसाली की फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' का नाम सुनते ही इसकी कहानी, इसके गाने और ऐश्वर्या और सलमान की जोड़ी याद आ जाती है. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था. इसके साथ ही इसके गाने आज भी लोगों को बेहद पसंद आए थे...चांद छुपा बादल में, तड़प-तड़प जैसे गाने तो लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल रहते हैं. लेकिन फिल्म का एक गाना जो गरबा नाइट और नवरात्रि की रौनक बढ़ाता है हम बात कर रहे हैं 'ढोली तारो ढोल बाजे' की. इस गाने को सलमान खान और ऐश्वर्या राय पर फिल्माया गया. इस गाने में तेज ढोल की थाप, गुजराती लोक रंग और शानदार डांस ने इसको खास बना दिया. ये गाना कितना पसंद किया गया इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 27 साल बाद भी गरबा पार्टी में ये गाना जरूर बजता है.
संजय लीला भंसाली ने किया कमाल
'ढोली तारो ढोल बाजे' सिर्फ एक फिल्मी डांस नंबर नहीं था, इस गाने में गुजराती झलक साफ दिखाई देती है. संजय लीला भंसाली ने भारतीय लोक परंपराओं को बेहद भी भव्य अंदाज में दिखाकर इस गाने को और खास बना दिया. फिल्म की कहानी और माहौल भी गुजरात से जुड़े हुए थे, इसलिए गाने का गुजराती लोक रंग फिल्म की कहानी के साथ बिल्कुल फिट बैठा. भंसाली का गुजरात से एक अलग ही जुड़ाव है. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका बचपन गुजराती माहौल में बीता और उनकी मां गरबा कोरियोग्राफ करती थीं.
कविता कृष्णमूर्ति समेत तीन आवाजों का जादू
फिल्म में ये गाना छह मिनट का था. जिसे कविता कृष्णमूर्ति, विनोद राठौड़ और करसन सागठिया ने अपनी आवाज से अमर बना दिया. इस गाने का संगीत इस्माइल दरबार ने तैयार किया था और बोल महबूब ने लिखे थे. इस गाने में सलमान ऐश्वर्या की केमिस्ट्री के साथ उनके रंग-बिरंगे कपड़े और गरबा डांस ने इस गाने को यादगार बना दिया. ये एक परफेक्ट मेल था, जिसमें गाने के बोल, संगीत, सिंगर्स की आवाज और सेट एक-दूसरे के साथ बिल्कुल फिट बैठे और ये गाना गरबा की शान बन गया. गाने की कोरियोग्राफी वैभवी मर्चेंट ने की थी. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उन्होंने बताया था कि इस गाने की शूटिंग काफी मुश्किल रही थी. दिसंबर की ठंड और बारिश के बीच बहुत सारे डांसर्स के साथ इस गाने को शूट किया गया था. इस गाने की शूटिंग में भी काफी समय लगा था.
इस गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है टीसीरीज पर 13 साल पहले इस वीडियो सॉन्ग को 77 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं. यही वजह है कि 'ढोली तारो ढोल बाजे' महज 1999 का फिल्मी गाना नहीं रहा, बल्कि बॉलीवुड और गुजराती गरबा संस्कृति के बीच एक यादगार कड़ी बन गया.
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