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OTT Release: 'बकैती सीजन 2' से 'थोड़े दूर थोड़े पास' तक, वीकेंड होगा मजेदार जब परिवार के साथ देखेंगे ये 5 दिल छू लेने वाले शो

परिवार के सदस्य अपनी साझा जिंदगी और नई चुनौतियों से जूझते हुए रिश्तों की गर्माहट और आपसी जुड़ाव को बरकरार रखते हैं. पहले सीजन की तरह इस बार भी शो की खासियत इसकी सहज कहानी और ऐसे पल हैं, जो हर घर की जिंदगी से जुड़े महसूस होते हैं.

OTT Release: 'बकैती सीजन 2' से 'थोड़े दूर थोड़े पास' तक, वीकेंड होगा मजेदार जब परिवार के साथ देखेंगे ये 5 दिल छू लेने वाले शो
वीकेंड होगा मजेदार जब परिवार के साथ देखेंगे ये 5 दिल छू लेने वाले शो
नई दिल्ली:

वीकेंड परिवार के साथ सुकून भरे पल बिताने, रोजमर्रा की भागदौड़ से थोड़ा ब्रेक लेने और ऐसी कहानियों का आनंद उठाने का सही समय है, जो रिश्तों की अहमियत, अपनों के साथ बिताए पलों और जिंदगी की छोटी-छोटी खुशियों को खूबसूरती से दर्शाती हैं. कभी परिवार के सदस्यों की नोकझोंक, कभी छोटे शहरों की सादगी, तो कभी बचपन की यादें, कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जिनसे हर कोई खुद को जोड़ पाता है. 25 सितंबर को ज़ी 5 (Zee 5) पर पारिवारिक मनोरंजक शो ‘बकाइती सीजन 2' के प्रीमियर के साथ, आइए जानते हैं इस वीकेंड परिवार के साथ देखने लायक 5 ऐसे शो, जो हंसी, अपनापन और मनोरंजन से भरपूर हैं.

बकैइती सीजन 2 [Hindi Zee 5]

कटारिया परिवार एक बार फिर अपनी रोजमर्रा की जिंदगी, मजेदार नोकझोंक और ढेर सारी हलचल के साथ लौट आया है. ‘बकाइती सीजन 2' परिवार के उन पलों को सामने लाता है, जिनमें कभी छोटी-छोटी बातों पर बहस होती है, तो कभी मुश्किल वक्त में सभी एक-दूसरे का सहारा बनते हैं. परिवार के सदस्य अपनी साझा जिंदगी और नई चुनौतियों से जूझते हुए रिश्तों की गर्माहट और आपसी जुड़ाव को बरकरार रखते हैं. पहले सीजन की तरह इस बार भी शो की खासियत इसकी सहज कहानी और ऐसे पल हैं, जो हर घर की जिंदगी से जुड़े महसूस होते हैं. अगर आप इस वीकेंड परिवार के साथ कुछ हल्का-फुल्का, मजेदार और दिल के करीब देखना चाहते हैं, तो ‘बकाइती सीजन 2' आपकी वॉचलिस्ट में शामिल हो सकता है.

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थोड़े दूर थोड़े पास [Hindi Zee 5]

रिश्तों की खूबसूरती अक्सर उन छोटे-छोटे पलों में छिपी होती है, जिन्हें हम रोजमर्रा की भागदौड़ में नजरअंदाज कर देते हैं. ‘थोड़े दूर थोड़े पास' परिवार, रिश्तों और आपसी जुड़ाव की इसी भावना को सामने लाता है। यह कहानी दिखाती है कि एक ही छत के नीचे रहने वाले लोगों के बीच भी विचारों और भावनाओं की दूरियां हो सकती हैं, लेकिन प्यार, समझ और साथ बिताया गया समय उन्हें फिर करीब ला सकता है. रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी परिस्थितियां और भावनात्मक पल इस शो को परिवार के साथ देखने के लिए एक दिलचस्प विकल्प बनाते हैं. जो दर्शक रिश्तों की अहमियत और परिवार के साथ बिताए समय को महसूस करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक सुकून भरा अनुभव हो सकता है.

गुल्लक [SonyLIV]

मिश्रा परिवार की जिंदगी पर आधारित ‘गुल्लक' मध्यमवर्गीय परिवारों के रोजमर्रा के अनुभवों को बड़े ही सहज और मनोरंजक अंदाज में पेश करती है. संतोष और शांति मिश्रा से लेकर उनके दोनों बेटों तक, परिवार का हर सदस्य अपनी अलग सोच, आदतों और छोटी-छोटी परेशानियों के साथ कहानी में रंग भरता है. कभी भाइयों के बीच नोकझोंक, कभी माता-पिता की सीख, तो कभी घर के बजट और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर होने वाली बातचीत, ये सभी पल दर्शकों को अपने घर की याद दिलाते हैं. शो की खासियत यह है कि यह साधारण घटनाओं में भी हंसी और भावनाओं को तलाशता है. परिवार के साथ बैठकर जिंदगी की छोटी-छोटी खुशियों का आनंद लेने के लिए ‘गुल्लक' एक दिलचस्प विकल्प है.

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ये मेरी फैमिली [MX Player]

1990 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित ‘ये मेरी फैमिली' दर्शकों को बचपन के उस दौर में ले जाती है, जब गर्मियों की छुट्टियां, स्कूल की मस्ती, दोस्तों के साथ खेलना और परिवार के साथ बिताया गया समय जिंदगी के सबसे खास हिस्से हुआ करते थे. एक छोटे लड़के की नजर से दिखाई गई यह कहानी स्कूल, दोस्ती, भाई-बहनों की नोकझोंक और माता-पिता के साथ उसके रिश्ते को सामने लाती है. उस दौर का माहौल, घर की छोटी-छोटी बातें और बचपन की मासूमियत इसे एक खास पहचान देते हैं. जहां माता-पिता इस शो के जरिए अपने बचपन की यादें ताजा कर सकते हैं, वहीं बच्चे भी परिवार और दोस्तों के साथ बिताए पलों की अहमियत को समझ सकते हैं. यह शो कई पीढ़ियों को एक साथ जोड़ने वाला मनोरंजक अनुभव देता है.

पंचायत [Amazon Prime Video]

काल्पनिक गांव फुलेरा की पृष्ठभूमि पर आधारित ‘पंचायत' एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अभिषेक त्रिपाठी की कहानी है, जो एक ग्रामीण इलाके में पंचायत सचिव की सरकारी नौकरी स्वीकार करता है. शहर की जिंदगी से आए अभिषेक को गांव के माहौल, वहां के लोगों और उनकी अलग-अलग सोच के बीच खुद को ढालना पड़ता है. प्रधान जी, मंजू देवी, विकास और प्रह्लाद जैसे किरदार कहानी में हास्य, अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव लेकर आते हैं. गांव की छोटी-छोटी समस्याओं, आपसी रिश्तों और सामुदायिक जीवन को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाने वाला यह शो मनोरंजन के साथ जिंदगी से जुड़ी कई बातें भी सामने लाता है. परिवार के साथ आराम से बैठकर देखने के लिए ‘पंचायत' एक सहज और मनोरंजक विकल्प है. बकाइती सीजन 2 से लेकर पंचायत तक, ये पांच शो परिवार के साथ हंसी, पुरानी यादों, रिश्तों की गर्माहट और खूबसूरत पलों से भरा वीकेंड बिताने का मौका देते हैं. इस वीकेंड अपनी वॉचलिस्ट तैयार करें और अपनों के साथ इन कहानियों का आनंद लें.

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