'गजनी', 'लगान' और बी.आर. चोपड़ा की 'महाभारत' में शानदार एक्टिंग के लिए मशहूर एक्टर प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में निधन हो गया. दिवंगत एक्टर की फैमिली फ्रेंड, एक्ट्रेस स्मृति खन्ना ने अपनी बेहतरीन यादें शेयर करते हुए कहा, "मैं प्रदीप दादा से पहली बार एक कॉमन फ्रेंड के जरिए एक पार्टी में मिली थी, और हम तुरंत एक-दूसरे से जुड़ गए. समय के साथ, यह दोस्ती एक खूबसूरत पारिवारिक रिश्ते में बदल गई. प्रदीप दादा, उनकी पत्नी कल्याणी और हम सभी ने साथ में बहुत समय बिताया. हम एक-दूसरे के घर जाते थे, जन्मदिन मनाते थे, डिनर पर जाते थे, देर रात बाहर घूमते थे और छुट्टियां भी साथ मनाते थे. हमने बहुत सारी शानदार यादें साथ बनाईं. वह मेरे जन्मदिन की पार्टियों में आते थे, और हम घंटों बैठकर अंताक्षरी खेलते थे, हंसते थे और एक-दूसरे का साथ एन्जॉय करते थे. वह अक्सर अपनी जिंदगी के अनुभव और कहानियां शेयर करते थे, और उनसे हुई हर बातचीत यादगार होती थी. हमारा रिश्ता बहुत ही आत्मीय और प्यार भरा था. वह हमेशा मुझे परिवार के सदस्य की तरह मानते थे कभी छोटी बहन की तरह, तो कभी बेटी की तरह और हमेशा बहुत प्यार और देखभाल के साथ पेश आते थे."
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क्या बोलीं एक्ट्रेस
वह आगे कहती हैं, "उनकी जो बात मुझे सबसे ज्यादा पसंद थी, वह थी उनका जबरदस्त सेंस ऑफ ह्यूमर. उनकी हाजिरजवाबी बहुत सहज थी, और उनकी एक लाइन सुनकर ही सब ठहाके लगाकर हंसने लगते थे. उनमें अपनी मौजूदगी से पूरे माहौल को खुशनुमा बना देने की एक खास खूबी थी." यह दिग्गज एक्टर 'गजनी' और 'लगान' जैसी फिल्मों में अपनी यादगार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं. बी.आर. चोपड़ा की 'महाभारत' में अश्वत्थामा के तौर पर उनका काम जबरदस्त था.
कैसे एक्टर थे प्रदीप रावत
स्मृति भी दिवंगत एक्टर के बारे में यही बातें कहती हैं. वह कहती हैं, "प्रदीप दादा एक जबरदस्त एक्टर थे. उन्होंने जो भी किरदार निभाया, उसे पूरी ईमानदारी और लगन से निभाया. स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी इतनी दमदार थी कि हर रोल यादगार बन जाता था. चाहे वह कोई मजबूत विलेन का रोल हो या कोई गंभीर किरदार, उन्होंने अपनी एक्टिंग में बहुत गहराई और सच्चाई दिखाई. वह 'लगान' और 'गजनी' जैसी यादगार फिल्मों का हिस्सा रहे, और फिल्मों व टेलीविजन में उनके काम ने खुद अपनी पहचान बनाई. एक इंसान के तौर पर, वह स्क्रीन पर निभाए गए दमदार किरदारों से बिल्कुल अलग थे.
मेरा सच में मानना है कि उन जैसे कलाकार कभी भुलाए नहीं जा सकते. अपनी शानदार एक्टिंग और अनगिनत लोगों की जिंदगी पर असर डालने की वजह से, प्रदीप दादा हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे और आने वाली पीढ़ियाँ उन्हें याद रखेंगी."
पत्नी की तारीफ
वह अक्सर मुझे एक्टिंग और इंडस्ट्री के बारे में सलाह देते थे. वह हमेशा हिम्मत बढ़ाने वाले और साथ देने वाले इंसान थे. असल में, उन्होंने मेरा नंबर कुछ कास्टिंग डायरेक्टर्स को देकर मेरी सिफारिश भी की थी. यह बहुत ही सोच-समझकर किया गया काम था, और इससे पता चलता है कि वह कैसे इंसान थे. वह सच में चाहते थे कि उनके आस-पास के लोग आगे बढ़ें और कामयाब हों.
स्मृति बताती हैं कि वह ज्यादातर फोन कॉल के जरिए उनके संपर्क में रहती थीं. असल में, उनके घर एक-दूसरे के काफी पास थे, इसलिए जुड़े रहना आसान था. स्मृति यह भी बताती हैं कि दिवंगत एक्टर की पत्नी उनका कितना ध्यान रखती थीं. वह कहती हैं, "मैं उनकी पत्नी कल्याणी से अक्सर बात करती थी. वह बहुत मिलनसार और मदद करने वाली इंसान हैं. जब भी मुझे कोई काम होता या बस यह जानना होता कि वे कैसे हैं, तो मैं उन्हें फोन करती थी, और उनके जरिए मुझे दादा के बारे में जानकारी मिलती थी. मुझे याद है जब वह नेपाल में शूटिंग कर रहे थे. कल्याणी उनके साथ थीं, और वहां अशांति के दौरान, मुझे सच में चिंता हो रही थी, इसलिए मैंने उन्हें फोन करके पूछा कि सब ठीक है या नहीं और दादा का हाल-चाल जाना. कैंसर से जूझने के बावजूद, उन्होंने शूटिंग जारी रखी और अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे. मैंने हमेशा उनकी हिम्मत और लगन की तारीफ की है. वह बहुत ही बहादुर इंसान थे."
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