फैज अहमद फैज पाकिस्तान के मशहूर शायरों में से एक थे. उन्होंने कई अमर शायरी और गजल लिखी हैं, जिन से प्रेरित भारत और पाकिस्तान में कई गाने भी बने हैं. साल 1969 में सुनील दत्त और आशा पारेख की फिल्म ‘चिराग' रिलीज हुई थी. राज खोसला के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने दर्शकों का दिल जीत लिया. फिल्म का संगीत मदन मोहन ने दिया और गाने मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे. कुल सात गाने थे, लेकिन फिल्म 'तेरी आंखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है' सबसे ज्यादा पॉपुलर हुआ था और इसे खूब पसंद किया गया था.
फिल्म में दो बार आता है गाना
यह गाना फिल्म में दो बार आता है. एक बार मोहम्मद रफी की आवाज में और दूसरी बार लता मंगेशकर की आवाज में. 'तेरी आंखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है' गाना सुनील दत्त और आशा पारेख पर फिल्माया गया था. लेकिन इस गाने के बनने का किस्सा बहुत दिलचस्प है. जब फिल्म के गाने तैयार हो रहे थे, तो निर्देशक राज खोसला ने शायर मजरूह सुल्तानपुरी को बुलाया.
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उन्होंने मजरूह को एक लाइन दी-'तेरी आंखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है'. राज खोसला ने बताया कि यह लाइन मशहूर शायर फैज अहमद फैज की गजल 'मुझ से पहली सी मोहब्बत मिरी महबूब न मांग' से ली गई है. उन्होंने मजरूह से कहा कि इसी लाइन पर पूरा गाना लिखना है.
फैज अहमद फैज की एक लाइन बनाया यादगार
मजरूह सुल्तानपुरी ने उसी लाइन को आधार बनाकर पूरा गाना लिख दिया. खास बात यह थी कि इस लाइन का इस्तेमाल करने के लिए जरूरी अनुमति भी ले ली गई थी. इस तरह फैज की एक लाइन से एक सुंदर और यादगार गाना तैयार हो गया. यह गाना आज भी हिंदी फिल्म संगीत के इतिहास में अपनी जगह बनाए हुए है. लोग इसे सुनकर भावुक हो जाते हैं और प्यार भरे पल याद आ जाते हैं.
'चिराग' फिल्म में आशा पारेख की भूमिका बहुत पसंद की गई. उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस के लिए नॉमिनेशन भी मिला था. फिल्म में सुनील दत्त और आशा पारेख के अलावा ओम प्रकाश, मुकरी और ललिता पवार जैसे कलाकार भी थे. सबने मिलकर कहानी को रोचक बनाया.
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