हिंदी फिल्मों में मां का खासा अहम रोल रहा है. खासतौर से 80 और 90 के दशक की फिल्मों में तो मां के किरदार को कहानी में ट्विस्ट लाने के लिए किया जाता रहा है. ये मां ना होती तो त्रिशूल में अमिताभ बच्चन बदला किसके लिए लेता. मां ना होती तो अमर अकबर एंथनी में तीनों भाइयों के साथ वो आइकॉनिक सीन कैसे होता. इसके अलावा मां की महिमा का गुणगान भी काफी बढ़चढ़कर किया गया है. गानों में भी कभी मां को दरकिनार नहीं किया गया. आज हम आपको एक ऐसे ही गाने के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आपको भी अपनी मां पर खूब प्यार आएगा.
राजा और रंक में था मां के लिए स्पेशल गीत
आज हम जिस गाने की बात कर रहे हैं वह साल 1968 में आई फिल्म 'राजा और रंक' में आया था. इस गाने के बोल थे 'तू कितना अच्छी है'. इस खूबसूरत गाने को लता मंगेशकर ने गाया था. बोल लिखे थे आनंद बक्शी ने और इसे म्यूजिक से सजाया था लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने. बिहाइंड द सीन इस डेडली कॉम्बो को स्क्रीन पर दिल छूने वाला बनाया निरूपा रॉय और महेश कोठारे ने. ये गाना एक बच्चे का अपनी मां के लिए गहरा प्यार दिखाता है. अपने मां वाले आइकॉनिक किरदारों के लिए पॉपुलर निरूपा की बच्चे के साथ बॉन्डिंग इतनी पसंद की गई कि इस गाने को आजतक पसंद किया जाता है. इस गाने के लिरिक्स, भाव और पिक्चराइजेशन ऐसी है कि आंखें नम कर देती है और दिल को भारी कर जाती है.
निरूपा रॉय का फिल्मी सफर
निरूपा रॉय का असली नाम कांता चौहान था. कुछ गुजराती फिल्मों के अलावा कांता यानी निरूपा रॉय ने हिंदी फिल्मों में काम किया. वह हिंदी फिल्मों में अपनी मां की छवि में बहुत हिट रहीं. 1946 से लेकर 2002 तक इंडस्ट्री में एक्टिव रहीं निरूपा ने करीब 250 फिल्मों में काम किया. 1946 में उनकी पहली फिल्म अमर राज थी. वहीं 2002 में उनकी आखिरी फिल्म 'लव यू हमेशा' थी.
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तू कितनी अच्छी है के लिरिक्स
तू कितनी अच्छी है
तू कितनी भोली है
प्यारी प्यारी है
ओ मां ओ मां
ओ मां ओ मां
तू कितनी अच्छी है
तू कितनी भोली है
प्यारी प्यारी है
ओ मां ओ मां
ओ मां ओ मां
ये जो दुनिया है
ये बन है कांटों का
तू फुलवारी है
ओ मां ओ मां
ओ मां ओ मां
दूखन लागी है मां तेरी अंखियां
दूखन लागी है मां तेरी अखियां
मेरे लिए जागी है तू सारी सारी रतियां
मेरी निंदिया पे अपनी निंदिया भी तूने वारी है
ओ मां ओ मां
ओ मां ओ मां
तू कितनी अच्छी है
तू कितनी भोली है
प्यारी प्यारी है
ओ मां ओ मां
ओ मां ओ मां
अपना नहीं तुझे सुख दुख कोई
अपना नहीं तुझे सुख दुख कोई
मैं मुस्काया तू मुस्काई मैं रोया तू रोई
मेरे हंसने पे मेरे रोने पे
तू बलिहारी है
ओ मां ओ मां
ओ मां ओ मां
मां बच्चों की जां होती है
मां बच्चों की जां होती है
वो होते हैं किस्मत वाले जिनके मां होती है
कितनी सुन्दर है कितनी शीतल है
न्यारी न्यारी है
ओ मां ओ मां
ओ मां ओ मां
तू कितनी अच्छी है
तू कितनी भोली है
प्यारी प्यारी है
ओ मां ओ मां
ओ मां ओ मां
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