हिंदी सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिनकी कहानी से ज्यादा उनके गाने लोगों के दिलों में बस जाते हैं. 1969 में रिलीज हुई ‘आराधना' भी ऐसी ही फिल्म थी. राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर की इस रोमांटिक म्यूजिकल फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तो तहलका मचाया ही, इसका संगीत भी ऐसा चला कि फिल्म के सातों गाने आज तक याद किए जाते हैं. एस.डी. बर्मन के संगीत और आनंद बख्शी के बोलों से सजे इस एल्बम में किशोर कुमार, लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, आशा भोसले और खुद एस.डी. बर्मन की आवाज सुनाई दी. खास बात यह है कि ‘आराधना' का साउंडट्रैक 1960 के दशक का तीसरा सबसे ज्यादा बिकने वाला हिंदी फिल्म एल्बम बताया जाता है.
‘मेरे सपनों की रानी' से मचा तहलका
फिल्म का नाम आते ही सबसे पहले जिस गाने की याद आती है, वह है ‘मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू'. किशोर कुमार की आवाज और राजेश खन्ना का अंदाज इस गाने की पहचान बन गया. इसी फिल्म का ‘रूप तेरा मस्ताना' भी बेहद लोकप्रिय हुआ. इस गाने के लिए किशोर कुमार को फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला. दोनों गानों ने राजेश खन्ना और किशोर कुमार की उस जोड़ी की शुरुआत की, जो आगे चलकर हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेता-गायक जोड़ियों में शामिल हुई.
लता, रफी और आशा की आवाज का जादू
एल्बम में सिर्फ किशोर कुमार का ही दबदबा नहीं था. ‘कोरा कागज था ये मन मेरा' में किशोर कुमार और लता मंगेशकर की आवाज ने प्रेम की मासूमियत को खूबसूरती से पेश किया. वहीं ‘बागों में बहार है' में लता और मोहम्मद रफी की आवाज सुनाई दी. ‘गुनगुना रहे हैं भंवरे' में रफी और आशा भोसले की जोड़ी ने रंग भर दिया. लता की आवाज में ‘चंदा है तू, मेरा सूरज है तू' आज भी मां और बच्चे के रिश्ते से जुड़े सबसे प्यारे फिल्मी गीतों में गिना जाता है.
सात गाने, सात अलग रंग
एल्बम का सातवां गीत ‘सफल होगी तेरी आराधना' था, जिसे एस.डी. बर्मन ने खुद गाया. यानी करीब 32 मिनट के इस पूरे साउंडट्रैक में रोमांस, मस्ती, प्यार, परिवार और भावुकता- हर रंग मौजूद था. कुल सात गानों वाले इस एल्बम की खासियत यही थी कि कोई एक गाना दूसरे की लोकप्रियता को दबाता नहीं था. आज भी ‘आराधना' के गाने पुराने हिंदी फिल्म संगीत के उन चुनिंदा गीतों में शामिल हैं, जिन्हें नई पीढ़ी भी सुनती है.
फिल्म की सफलता ने राजेश खन्ना को रातोंरात सुपरस्टार बना दिया और किशोर कुमार की आवाज को उनके साथ इस तरह जोड़ा कि आने वाले वर्षों में यह जोड़ी हिंदी सिनेमा की पहचान बन गई. इसीलिए ‘आराधना' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि वह म्यूजिकल लैंडमार्क है जिसने राजेश खन्ना और किशोर कुमार- दोनों के करियर को नई दिशा दी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं