शादी के बाद जीवन की नई शुरुआत. एक पति और पत्नी एक साथ जिंदगी बिता रहे होते हैं. लेकिन रात होते ही उनके बीच सब बदल जाता है. दिन के समय में पत्नी पर जान लुटाने वाला पति उसकी जान का दुश्मन बन जाता है. कुछ समय बाद पत्नी को एहसास होता है कि रात होते ही उसके पति का डरावना सच उसके सामने आ जाता है. दिन में सबकुछ नॉर्मल था. एक पति, अपनी पत्नी के साथ एक अच्छी लाइफ बिता रहा है. लेकिन उसके आसपास किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि रात होते ही उसकी पत्नी के सामने एक डरावना सच सामने आना वाला है. पूर्णिमा की रात होते है, पति एक खूंखार जानवर का रुप ले लेता है और फिर शुरु होती है शिकार की कहानी. साल 1992 में आई महेश भट्ट की इस फिल्म में हॉरर, रहस्य और रोमांस को एक साथ पर्दे पर उतारा गया था. फिल्म की डरावनी कहानी के साथ ही इसके गाने भी लोगों को बेहद पसंद आए. 11 गानों वाले इस साउंडट्रैक में रोमांटिक से लेकर दर्द भरे कई गाने शामिल थे.
राहुल रॉय बने थे वो पति, जो रात में बन जाता था बाघ
हम बात कर रहे हैं 18 सितंबर 1992 में रिलीज हुई फिल्म 'जुनून' की, महेश भट्ट के निर्देशन में बनीं फिल्म में राहुल रॉय ने विक्रम चौहान और पूजा भट्ट ने नीता और अविनाश वाधवन मे रवि का किरदार निभाया था. इसके साथ फिल्म में टॉम ऑल्टर, राकेश बेदी, अवतार गिल और मुश्ताक खान ने भी अभिनय किया था. फिल्म में विक्रम पर एक श्राप होता है, जिसकी वजह से वो पूर्णिमा का रात को बाघ बन कर लोगों का शिकार करता है.
11 गानों के एल्बम में रोमांस और दर्द तक हर गाना
'जुनून' फिल्म का साउंडट्रैक 11 गानों का था. इन गानों को अनुराधा पौडवाल, कुमार सानू, एस.पी. बालासुब्रमण्यम, विपिन सचदेवा और कविता पौडवाल ने गाया था. फिल्म का संगीत नदीम-श्रवण ने तैयार किया था , जबकि गीत समीर , सुरिंदर साथी, रानी मलिक और संतोष आनंद ने लिखे थे.
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| गाना | सिंगर | लिरिक्स |
| प्रेम प्रेम ओ मेरी दिलरुबा | अनुराधा पौडवाल, एसपी बालासुब्रमण्यम | समीर |
| वक्त कटे नहीं कटता है | अनुराधा पौडवाल, विपीन सचदेवा | समीर |
| जो प्यार कर गए (फीमेल) | अनुराधा पौडवाल | संतोष आनंद |
| मिलते-मिलते हसीन वादियों में | अनुराधा पौडवाल, विपीन सचदेवा | समीर |
| दीवारों पर लिखा है | अनुराधा पौडवाल, विपीन सचदेवा | सुरिंदर साथी |
| तू मेरा मेहरबान | कविता पौडवाल | समीर |
| आईना-आईना तू बता दे जरा | अनुराधा पौडवाल | रानी मलिक |
| जो मेरे दिल में है | अनुराधा पौडवाल | समीर |
| दीवारों पर लिखा है (फीमेल) | अनुराधा पौडवाल | सुरिंदर साथी |
| जो प्यार कर गए (मेल) | कुमार सानू | संतोष आनंद |
| जमाने की बुराई मुझ में है सनम | विपिन सचदेवा | समीर |
हॉरर के साथ रोमांस का जबरदस्त कनेक्शन
फिल्म 'जुनून' में सिर्फ एक डरावनी कहानी नहीं दिखाई गई थी. बल्किफिल्म में नीता और रवि के प्यार के बीच विक्रम का आना और उनके बीच के रिश्ते को खत्म कर के अपना मकसद पूरा करना भी होता है. नीता जो पहले रवि से प्यार करती है, लेकिन विक्रम की चालाकी की वजह से उसकी शादी रवि से नहीं हो पाती है. विक्रम से शादी के बाद उसे धीरे-धीरे उसका सच पता चलता है. फिल्म की कहानी एक ऐसे श्राप पर थी जिसमें पूर्णिमा की रात इंसान बाघ बन जाता है. उस दौर में इस तरह की हॉरर फिल्म को एक अलग ही अंदाज में पेश किया गया था.
जुनून फिल्म में मॉर्फिंग नाम के एक स्पेशल इफेक्ट का इस्तेमाल किया गया है , जिसमें एक छवि दूसरी छवि में परिवर्तित हो जाती है. इस टैक्नीक का इस्तेमाल कर के ही एक इंसान के चेहरे को बाघ में और बाघ से वापस इंसान के चेहरे में चेंज किया गया था.
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