बॉलीवुड गीत पहेली: बॉलीवुड के पुराने दौर के गानों की बात करें तो इसकी धुन, गाने के बोल और उनका मतलब ऐसा था कि उनको सुनते ही पूराना दौर आंखों के सामने आ जाता है. ऐसा ही एक गाना है जो 90 के दशक में आया और इसने लोगों के दिलों की धड़कनें बढ़ा दी थीं. अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित ने इस गाने को अपने रोमांटिक अंदाज से और खास बना दिया. इस गाने के बोल में कुल 294 शब्द हैं और इसकी खास बात है कि इसमें एक शब्द को बार-बार लौटकर आता है और वो इस गाने की जान होता है. तो चलिए जानते हैं 90 के दशक के उस गाने की जिसने अपने बोल, संगीत और वीडियो के लिए लोगों के बीच आज भी अपनी जगह बनाए हुए है. इस गाने को सुनते ही पैर थिरकने लगते हैं.
माधुरी दीक्षित और अनिल कपूर पर फिल्माया गया था गाना
हम बात कर रहे हैं साल 1992 में आई फिल्म बेटा की. जिसमें अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित ने लीड रोल प्ले किया था. फिल्म के वैसे तो सारे गाने काफी पसंद किए गए थे. लेकिन इसका एक गाना था धक-धक करने लगा. गाने को अनुराधा पौडवाल और उदित नारायण ने आवाज दी, जबकि इसके बोल समीर ने लिखे और संगीत आनंद-मिलिंद ने तैयार किया था. इस गाने में अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित के रोमांस ने इसको हिट कर दिया. ये गाना इतना फेमस हुआ था कि इसके बाद माधुरी दीक्षित की पहचान 'धक-धक गर्ल' के तौर पर होने लगी थी.
आपने भी ये गाना सुना होगा, इस पर डांस भी किया होगा. लेकिन क्या 294 शब्दों के इस गाने में आपने कभी ये सोचा है कि 'धक-धक' शब्द कितनी बार आया है? 5 बार, 7 बार या इससे भी ज्यादा? आपको भी नहीं पता है, तो चलिए आपको बताते हैं इसकी संख्या, जिसको जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे. गाने में धक-धक शब्द कुल 14 बार आया था.
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आउच..
हो धक-धक करने लगा
हो मोरा जियरा डरने लगा
अरे रे धक-धक करने लगा
हो मोरा जियरा डरने लगा
सैंया बैंया छोड़ ना, कच्ची कलियाँ तोड़ ना
सैंया बैंया छोड़ ना, कच्ची कलियाँ तोड़ ना
दिल से दिल मिल गया
मुझसे कैसी ये हया
दिल से दिल मिल गया
मुझसे कैसी ये हया
तु है मेरी दिलरुबा
क्या लगती है, वाह रे वाह
तु है मेरी दिलरुबा
क्या लगती है, वाह रे वाह
धक-धक करने लगा
हो मोरा जियरा डरने लगा
अपना कहा जो पिया तूने मुझे
मैं मीठे-मीठे सपने सजाने लगी
देखा मेरी रानी जब मैंने तुझे
मेरी सोई-सोई धड़कन गाने लगी
जादू तेरा छाने लगा
मेरी नस-नस में समाने लगा
ख़ुद को मैं भुलाने लगा
तुझे साँसों में बसाने लगा
रिश्ता, अब ये रिश्ता
साथी टूटेगा न तोड़े कभी
दिल से दिल मिल गया
मुझसे कैसी ये हया
अरे रे धक-धक करने लगा
हो मोरा जियरा डरने लगा
उलझी है काली-काली लट तेरी
ज़रा इन ज़ुल्फ़ों को सुलझाने तो दे
इतनी भी क्या है जल्दी तुझे
घड़ी अपने मिलन की तु आने तो दे
ऐसे न बहाने बना, मेरी रानी
अब तो बाहों में आ
ऐसे न निगाहें मिला
कोई देखेगा तो सोचेगा क्या
मस्ती छाई है मस्ती
आके लग जा गले से अभी
धक-धक करने लगा
हो मोरा जियरा डरने लगा
धक-धक करने लगा
हो मोरा जियरा डरने लगा
सैंया बैंया छोड़ ना, कच्ची कलियाँ तोड़ ना
सैंया बैंया छोड़ ना, कच्ची कलियाँ तोड़ ना
दिल से दिल मिल गया
मुझसे कैसी ये हया
दिल से दिल मिल गया
मुझसे कैसी ये हया
तु है मेरी दिलरुबा
क्या लगती है, वाह रे वाह
तु है मेरी दिलरुबा
क्या लगती है, वाह रे वाह
धक-धक करने लगा
हो मोरा जियरा डरने लगा
दिल से दिल मिल गया
मुझसे कैसी ये हया
गाने की धुन का है साउथ कनेक्शन
इस गाने की एक और दिलचस्प कहानी है. 'धक-धक करने लगा' की धुन तेलुगु फिल्म 'जगदेका वीरुडु अथिलोका सुंदरी' के गाने 'अब्बानी तीयेनी' से ली गई थी. उस फिल्म में चिरंजीवी और श्रीदेवी नजर आए थे और संगीत इलैयाराजा ने दिया था. बाद में इसी धुन को हिंदी फिल्म 'बेटा' के लिए इस्तेमाल किया गया.
इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में माधुरी, अनिल कपूर के साथ अरुणा ईरानी भी लीड रोल में थीं. फिल्म 3 अप्रैल 1992 को रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक रही. इस गाने की कोरियोग्राफी के लिए सरोज खान को भी फिल्मफेयर मिला था.
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