बॉलीवुड में जासूसी को लेकर के कई फिल्में बनी हैं. जिसमें अपने मिशन को पूरा करने के लिए और दुश्मनों से बचने के लिए भेष बदला जाता है. ताकि सामने वाला देखकर पहचान ना पाए कि आखिर असल में शख्स कौन है. आज हम आपको बॉलीवुड की एक ऐसी ही जासूसी फिल्म और उसके गाने के बारे में बताएंगे जिसमें हीरो-हिरोईन भेष बदलकर भिखारी बन जाते हैं और एक ऐसा गाना गाते हैं जो 58 साल बाद भी लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल है. इस गाने को आपने रेलवे स्टेशन या बस अड्डे पर आपने भी जरूर सुना होगा. इस गाने ने भिखारियों के गीत को एक अलग पहचान बना दी. इस गाने से बोल, संगीत से लेकर के इसको इस तरह से फिल्माया गया कि इसकी धुन सुनते ही आंखों के सामने वो मजेदार मंजर आ जाता है. तो चलिए जानते हैं कौन सा है वो गाना.
फिल्म आंखें का गाना
साल 1968 में रिलीज हुई फिल्म 'आंखे', जिसे रामानंद सागर ने डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया था. इस फिल्म में धर्मेंद्र ने सुनील का किरदार निभाया था, जबकि माला सिन्हा, मेहमूद, कुमकुम, जीवान, मदन पुरी और नजीर हुसैन ने अभिनय किया था. फिल्म की कहानी जासूसी के इर्द-गिर्द घूमती है और इसी वजह से किरदारों को कई बार भेष बदलकर काम करना पड़ता है. इसी फिल्म का एक गाना ऐसा है जो सालों बाद भी लोगों की प्लेलिस्ट में बना हुआ है. फिल्म का एक गाना ऐसा है जिसमें एक मिशन के चलते सभी लोगों को भिखारी बन कर घूमना पड़ता है और उसी दौरान वो भीख मांगने के लिए एक गाना गाते हैं. यही वजह है कि इस गाने को भिखारियों का गाना कहा जाता है. लेकिन असल में उसकी पीछे जासूसी का मकसद छिपा होता है. गाने के बो इस प्रकार हैं-
तुझको रक्खे राम, तुझको अल्लाह रक्खे
दे दाता के नाम, तुझको अल्लाह रक्खे
तुझको रक्खे राम, तुझको अल्लाह रक्खे
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शैख़ ब्रहमन मुल्ला पांडे
सब हैं एक माटी के भांडे
वेद वही कुरआन वही है
राम वही रहमान वही है
किसी का दामन थाम, तुझको अल्लाह रक्खे
दे दाता के नाम, तुझको अल्लाह रक्खे
साहिर के बोल, रवि का संगीत और मन्ना डे-आशा की आवाज
फिल्म आंखे का गाना 'तुझको रखे राम, तुझको अल्लाह रखे' गाना जिसे मन्ना डे और आशा भोसले ने अपनी आवाज दी थी. इस गाने के बोल मशहूर शायर और गीतकार साहिर लुधियानवी ने लिखे थे, जबकि संगीत रवि ने दिया था. इस गाने की खासियत थी कि इसमें राम और रहमान को एक ही भाव में जोड़ा गया है. यही वजह है कि गीत सिर्फ एक फिल्मी भिखारी गीत बनकर नहीं रह जाता, बल्कि इंसानियत और एकता की बात भी करता है. इस गाने में महमूद और माला सिन्हा ने बीच सड़क में घूमते हुए ये गाना गाया था.
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