70 के दशक के बॉलीवुड गानों की बात की कुछ अलग थी. उस दशक के गाने प्यार के साथ-साथ जिंदगी का मतलब भी सीखाते थे. ऐसा ही एक गाना 47 साल पहले आया था, जिसने बताया कि जिंदगी का हर पल जीना कितना जरूरी होता है, वरना वो पल कुछ ही देर में खत्म हो जाता है. जिंदगी के मतलब को सिखाते इस गाने का नाम 'आने वाला पल जाने वाला है' है. 1979 की क्लासिक कॉमेडी गोलमाल का यह गाना सिर्फ एक सॉन्ग नहीं, बल्कि जीवन का फलसफा बन गया.
गुलजार ने जादुई बोल
किशोर कुमार की मधुर आवाज, आर.डी. बर्मन की जादुई धुन और गुलजार के गहन बोल मिलकर एक ऐसा पल रचते हैं जो आज भी दिलों में बसता है. ऋषिकेश मुखर्जी की इस फिल्म में अमोल पालेकर, बिंदिया गोस्वामी, उत्पल दत्त, देवेन वर्मा, दीना पाठक, शुभा खोटे, डेविड और केष्टो मुखर्जी जैसे कलाकारों ने कमाल का अभिनय किया. फिल्म महज 40 दिनों में शूट हुई और कम बजट में ब्लॉकबस्टर बनी.
गाने के लिए मिला फिल्मफेयर अवॉर्ड
'आने वाला पल जाने वाला है' गाने के लिए गुलजार को फिल्मफेयर बेस्ट लिरिसिस्ट अवॉर्ड मिला. अमोल पालेकर को बेस्ट एक्टर और उत्पल दत्त को बेस्ट कॉमेडियन का फिल्मफेयर मिला. गाना रेडियो पर लंबे समय तक सबसे ज्यादा बजाया जाने वाला ट्रैक रहा. गोलमाल 20 अप्रैल 1979 को रिलीज हुई. कहानी अमोल पालेकर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो नौकरी पाने के लिए झूठ बोलता है और फिर एक के बाद एक झूठ बुनता चला जाता है. उत्पल दत्त का कट्टर बॉस भवानी शंकर अविस्मरणीय है.
गोलमाल की कमाई
फिल्म का बजट करीब 1 करोड़ रुपये था, जबकि इसने लगभग 7 करोड़ रुपये की कमाई की. उस दौर में यह जबरदस्त सफलता थी. शूटिंग ज्यादातर निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी के बांद्रा स्थित बंगले पर हुई, जिससे समय और खर्च दोनों बच गए. फिल्म में अमिताभ बच्चन का कैमियो भी है.इस फिल्म का कई भाषाओं में रीमेक किया गया. शुरू में हीरोइन के लिए रेखा पर विचार हुआ था, लेकिन बाद में बिंदिया गोस्वामी को चुना गया. कहानी एक बंगाली फिल्म से प्रेरित बताई जाती है. गोलमाल सिर्फ हंसी नहीं, बल्कि सिचुएशनल कॉमेडी का मास्टरपीस है जो आज भी ताजा लगता है.
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