वैशाली में हुए नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई है. पटना के NMCH में 3 बच्चों का इलाज चल रहा है. 1 बच्चे के फेफड़े में गंदा पानी जाने के कारण उसे सीवियर निमोनिया हो गया है. इसलिए उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है. जो नाव हादसे का शिकार हुआ, उस पर अधिकांश बच्चे ही बैठे हुए थे. नाव जर्जर थी. इस वजह से हादसा इतना बड़ा हुआ. दुखद तथ्य यह है कि नाव दुर्घटनाओं की घटना अपवाद नहीं है. इस साल बिहार में नाव हादसों में सौ से अधिक लोग डूबे, इनमें कम से कम 34 लोगों की मौत हुई है. वैशाली में हुआ नाव हादसा इस साल का सबसे बड़ा हादसा है. इस घटना में अब तक 13 बच्चों की मौत हुई है.
कब -कब हुई घटनाएं?
3 अप्रैल को शिवहर में नाव हादसे में 25 लोग डूबे. 1 की मौत हो गई.
27 अप्रैल को मोतिहारी में नाव हादसे में 5 लोग डूबे. 2 मौत. भाई - बहन की मौत हो गई, एक शव 11 दिन बाद मिला.
28 मई को पटना के बाढ़ में नाव हादसे में 15 लोग डूबे. 7 की मौत हो गई.
29 मई को गोपालगंज में नाव डूबने से 3 बच्चियों की मौत हो गई थी.
10 जून को दरभंगा के किरतपुर में नाव पलटने से 3 ग्रामीणों की मौत हो गई थी.
26 अगस्त को भागलपुर में तटबंध कार्य में लगी नाव डूब गई थी. नाव पर 21 मजदूर थे. इनमें दो मजदूरों की मौत हो गई थी.
8 सितंबर को वैशाली के तेरसिया में नाव डूबी. 11 लोग सवार थे. 2 की मौत हो गई.
25 सितंबर को मुजफ्फरपुर में नाव डूबी, 15 लोग सवार थे. 14 सुरक्षित निकाले गए. 15 वर्षीय रानी का अब तक कुछ पता नहीं चला है.
इसके अलावा सुपौल में नाव पलटने से 25 लोग डूबे थे, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया.
हादसे के तीन बड़े कारण
1. राघोपुर की नाव जर्जर अवस्था में थी. स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्होंने कई बार सीओ से नाव की मरम्मत करने को कहा था लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
2. सूर्यास्त के बाद नाव चलाने की अनुमति नहीं होती है लेकिन यह नाव रात में चलाई जा रही थी.
3. बाढ़ प्रभावित ज्यादातर इलाकों में नाव की कमी है, इससे ओवरलोडिंग भी बढ़ती है. यह भी घटना की एक बड़ी वजह है.
प्रशासनिक लापरवाही घटना की वजह?
राघोपुर में जिस नाव से हादसा हुआ वह जर्जर अवस्था में थी. स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्होंने कई बार अंचलाधिकारी से नाव की मरम्मत करने को कहा था लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ग्रामीणों का दावा है कि वह नाव सरकारी थी वहीं जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने इसे एक निजी नाव बताया है. सूर्यास्त के बाद नाव चलाने की अनुमति नहीं होती है लेकिन यह नाव रात में चलाई जा रही थी.
बाढ़ प्रभावित ज्यादातर इलाकों में नाव की कमी है, इससे ओवरलोडिंग भी बढ़ती है. यह भी घटना की एक बड़ी वजह है. बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के बंद होने की वजह से भागलपुर और नवगछिया के बीच नाव से ही आवागमन हो रहा है और यहां से भी खतरनाक तस्वीर आती है. क्रूज पर सैकड़ों लोग बिना लाइफ जैकेट के सफर करते हैं.
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