Viral News: बहरीन में 23 साल से रहे एक भारतीय युवक अरुणा कृष्णप्पा किडियूर की ऐसी किस्मत चमकी, जिसके बारे में उसने कभी कल्पना नहीं की थी. उसने अबू धाबी के बिग टिकट ई-ड्रॉ में 200 ग्राम की 24 कैरेट सोने की ईंट जीत ली. वह एक ऑफिस बॉय की नौकरी करते हैं. इस युवक के साथ 3 अन्य भारतीय ने ई-ड्रॉ में सोने की ईंट जीती है. ई- ड्रॉ में जीती गई सोने की ईंट की कीमत करीब 25 लाख रुपये है.
4 भारतीय ने जीता गोल्ड बार
ई-ड्रा जीतने वालों में अरुणा कृष्णप्पा किडियूर के साथ जिजॉय विश्वन, सदातुल्ला शरीफ और फ्रीलांसर मनीषा हर्षल कसात नाम शामिल है. अरुणा के लिए ई-ड्रा में 200 ग्राम गोल्ड बार जीतना बिल्कुल अप्रत्याशित है. वे कुछ समय से 'बिग टिकट' के टिकट खरीद रहे थे, लेकिन पिछले 4 महीनों से उन्होंने दोस्तों के एक ग्रुप के साथ मिलकर नियमित रूप से इसमें हिस्सा लेना शुरू किया था.
Gulf News की रिपोर्ट की अनुसार, अरुणा कृष्णप्पा किडियूर ने बताया कि जब उन्हें 200 ग्राम सोने की ईंट जीतने के बारे में पता चला तो वह एकदम से हैरान रह गए. 45 वर्षीय अरुणा अभी तक वह यह डिसाइड नहीं कर पाए हैं कि वे अपने हिस्से की इमानी राशि का क्या करेंगे. उन्होंने ड्रॉ में किस्मत अजमाने वाले अन्य लोगों को संदेश दिया कि अपना किस्मत अजमाते रहें और कभी उम्मीद न छोड़ें.
फ्रीलांसर मनीषा की खुली किस्मत
अरुणा के अलावा मुंबई की रहने वाली 30 वर्षीय फ्रीलांसर मनीषा की भी अबू धाबी के बिग टिकट ई-ड्रॉ में किस्मत खुल गई. वह एक दशक से भी ज्यादा समय से शारजाह में रह रही हैं. वह पिछले तीन सालों से 'बिग टिकट' में हिस्सा ले रही हैं, हर महीने टिकट खरीदती हैं और कभी-कभी दूसरों के साथ मिलकर भी खेलती हैं. इस बार उन्होंने अकेले ही अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया.
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केरल जिजॉय ने भी जीता ई-ड्रा
इसके अलावा केरल के रहने वाले 51 वर्षीय जिजॉय हर महीने 5 से 10 लोगों के ग्रुप के साथ मिलकर टिकट खरीदते थे. अब आखिरकार उनकी किस्मत चमक गई. वह 2007 से शारजाह में रह रहे हैं और कॉन्ट्रैक्टिंग इंडस्ट्री में काम करते हैं. उनका परिवार भारत में रहता है. उन्हें ई-ड्रॉ के बारे में पता नहीं था और जब 'बिग टिकट' टीम ने उन्हें यह खबर दी, तो वे हैरान रह गए. वे जीती हुई रकम को अपने साथियों के साथ बांटने, बाकी पैसे बचाने और उसका इस्तेमाल अपनी पत्नी और बच्चों की मदद के लिए करने की योजना बना रहे हैं.
इन तीनों के अलावा बेंगलुरु के 51 वर्षीय सिविल इंजीनियर सदातुल्ला पिछले एक साल से दुबई में रह रहे हैं. 'बिग टिकट' के साथ उनका सफर एयरपोर्ट से शुरू हुआ, जहां पहली बार उन्हें इस ड्रॉ के बारे में पता चला. तब से जब भी वे अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं, तो वे स्टोर या ऑनलाइन जाकर टिकट खरीद लेते हैं. सदातुल्ला ने कहा कि मुझे अपनी किस्मत पर यकीन ही नहीं हुआ. यह वाकई एक शानदार सरप्राइज था."
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