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This Article is From Aug 11, 2017

पाकिस्तान की 'मदर टेरेसा' डॉ. रूथ फाउ का 87 साल की उम्र में निधन

डॉ. फाउ पहली बार 1960 में पाकिस्तान आईं थीं और कुष्ठ पीड़ितों का दर्द उनके दिल को इस कदर छू गया कि उन्होंने उनके उपचार के लिए यहीं बसने का फैसला कर लिया.

पाकिस्तान की 'मदर टेरेसा' डॉ. रूथ फाउ का 87 साल की उम्र में निधन
प्रतीकात्मक फोटो.
  • डॉक्टर रूथ फाउ का कराची के एक अस्पताल में गुरुवार को निधन हुआ
  • डॉक्टर रूथ फाउ का जन्म 1929 में जर्मनी में हुआ था
  • डॉक्टर फाउ ने 50,000 से ज्यादा परिवारों का उपचार किया
कराची: कुष्ठ उन्मूलन के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाली पाकिस्तान की 'मदर टेरेसा' के नाम से मशहूर जर्मन डॉक्टर रूथ फाउ का कराची के एक निजी अस्पताल में गुरुवार को निधन हो गया. वह 87 साल की थीं. डॉ. फाउ पहली बार 1960 में पाकिस्तान आईं थीं और कुष्ठ पीड़ितों का दर्द उनके दिल को इस कदर छू गया कि उन्होंने उनके उपचार के लिए यहीं बसने का फैसला कर लिया.

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जर्मनी में हुआ था जन्म
डॉ. रूथ पाउ ने कराची में 1962 में मेरी एडिलेड लेप्रोसी सेंटर की शुरुआत की और बाद में गिलगित-बालटिस्तान सहित पाकिस्तान के सभी प्रांतों में इसकी शाखाएं खोली. उन्होंने 50,000 से ज्यादा परिवारों का उपचार किया. उनकी अथक कोशिशों के कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1996 में पाकिस्तान का नाम एशिया में सबसे पहले कुष्ठ मुक्ति वाले देशों में घोषित किया. उनका जन्म 1929 में जर्मनी में हुआ और द्वितीय विश्व युद्ध के साए में उनकी जिंदगी की गाड़ी आगे बढ़ी.

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1988 में मिली पाक की नागरिकता
फाउ सोसाइटी ऑफ डॉटर्स ऑफ द हर्ट ऑफ मेरी से जुड़ गईं और उन्हें भारत की जिम्मेदारी दी गई. कुछ वीजा दिक्कतों के कारण थोड़े समय के लिए उन्हें कराची में उतरना पड़ा. बंदरगाह वाले इस शहर में कुष्ठ मरीजों से बातचीत ने उन्हें अपनी योजना बदलने और मरीजों की मदद के लिए बाकी जीवन पाकिस्तान में बिताने को प्रेरित किया. मानवता की सेवा में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 1979 में पाकिस्तान का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान हिलाल ए इम्तियाज और 1989 में हिलाल ए पाकिस्तान दिया गया. 2015 में उन्हें कराची स्थित जर्मन वाणिज्य दूतावास में स्टौफर मेडल से सम्मानित किया गया. उन्हें 1988 में पाकिस्तान की नागरिकता दी गई थी.


(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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