बीजिंग:
कोरियाई प्रायद्वीप में पैदा हुए तनाव की पृष्ठभूमि में अपने करीबी सहयोगी उ. कोरिया की आलोचना करते हुए चीन के नए राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने आगाह किया है कि किसी को भी इस क्षेत्र को अराजकता में धकेलने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने सभी देशों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।
उत्तर कोरिया की धमकियों के कारण क्षेत्र में उत्पन्न चिंताओं के मद्देनजर शी ने बोआओ में ‘बोआओ फोरम फॉर एशिया’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘किसी को भी क्षेत्र एवं पूरी दुनिया को स्वार्थी फायदों के लिए अराजता में धकेलने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।’
किसी भी देश का नाम लिए बगैर शी ने कहा, ‘अपने हितों को बढ़ावा देते वक्त एक देश को दूसरों के वैध हितों का भी ख्याल रखना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘हवा और सूरज की रोशनी की तरह शांति से होने वाले लाभ को भी लोग यदा-कदा ही समझते हैं लेकिन हममें से कोई भी इनके बिना नहीं रह सकता।’
शी ने कहा, ‘कोई देश बड़ा हो या छोटा, मजबूत हो या कमजोर, गरीब हो या अमीर, सभी को शांति कायम रखने तथा इसे बनाए रखने में अपना योगदान देना चाहिए। एक दूसरे के प्रयासों को नुकसान पहुंचाने की बजाय सभी देशों को साझा प्रगति के लिए एक दूसरे का पूरक बनना चाहिए।’
‘बोआओ फोरम फॉर एशिया’ सम्मेलन में शी के अलावा, ऑस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड, नौ देशों के प्रमुख, कॉरपोरेट कार्य मंत्री सचिन पायलट और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स सहित 1,500 से ज्यादा उद्योगपतियों ने शिरकत की।
उत्तर कोरिया की धमकियों के कारण क्षेत्र में उत्पन्न चिंताओं के मद्देनजर शी ने बोआओ में ‘बोआओ फोरम फॉर एशिया’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘किसी को भी क्षेत्र एवं पूरी दुनिया को स्वार्थी फायदों के लिए अराजता में धकेलने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।’
किसी भी देश का नाम लिए बगैर शी ने कहा, ‘अपने हितों को बढ़ावा देते वक्त एक देश को दूसरों के वैध हितों का भी ख्याल रखना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘हवा और सूरज की रोशनी की तरह शांति से होने वाले लाभ को भी लोग यदा-कदा ही समझते हैं लेकिन हममें से कोई भी इनके बिना नहीं रह सकता।’
शी ने कहा, ‘कोई देश बड़ा हो या छोटा, मजबूत हो या कमजोर, गरीब हो या अमीर, सभी को शांति कायम रखने तथा इसे बनाए रखने में अपना योगदान देना चाहिए। एक दूसरे के प्रयासों को नुकसान पहुंचाने की बजाय सभी देशों को साझा प्रगति के लिए एक दूसरे का पूरक बनना चाहिए।’
‘बोआओ फोरम फॉर एशिया’ सम्मेलन में शी के अलावा, ऑस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड, नौ देशों के प्रमुख, कॉरपोरेट कार्य मंत्री सचिन पायलट और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स सहित 1,500 से ज्यादा उद्योगपतियों ने शिरकत की।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं