- IAS संजय कुमार सिंह उड़ीसा कैडर के अधिकारी हैं और वर्तमान में खाद्य आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव हैं
- बिहार में गया और पटना जिलाधिकारी के साथ मुख्यमंत्री सचिवालय में महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिकाएं निभाई हैं
- संजय कुमार सिंह को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का प्रधान सचिव बनाए जाने की संभावना है
ias sanjay kumar singh: बैंक में असिस्टेंट मैनेजर और विश्वविद्यालय में लेक्चरर के तौर पर करियर शुरू करने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय कुमार सिंह एक बार फिर बिहार की ब्यूरोक्रेसी में चर्चा का केंद्र हैं. खबर है कि उड़ीसा कैडर के इस अधिकारी को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का प्रधान सचिव बनाया जा सकता है. उड़ीसा कैडर में भारतीय प्रशासनिक सेवा के साल 1997 बैच के आईएएस अधिकारी संजय कुमार सिंह की बिहार वापसी की प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई जा रही है. प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि उन्हें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है.
बैंकिंग और शिक्षण क्षेत्र में भी कर चुके हैं काम
संजय कुमार सिंह का करियर केवल प्रशासनिक सेवा तक सीमित नहीं रहा है. आईएएस बनने से पहले उन्होंने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के रूप में काम किया. इसके अलावा वह मगध विश्वविद्यालय में लेक्चरर भी रहे. दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा का रास्ता चुना.
बिहार में संभाल चुके हैं कई अहम जिम्मेदारियां
12 फरवरी 2008 को बिहार में प्रतिनियुक्ति पर आने के बाद संजय कुमार सिंह ने गृह विभाग में अपर सचिव के रूप में काम शुरू किया. मार्च 2008 में उन्हें गया का जिलाधिकारी बनाया गया, जहां उन्होंने फरवरी 2011 तक जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद वह पटना के जिलाधिकारी बनाए गए और मार्च 2013 तक इस पद पर रहे. बाद में उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय में स्पेशल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी मिली. इस दौरान उन्हें जिला प्रशासन से लेकर सरकार के शीर्ष स्तर तक काम करने का अनुभव हासिल हुआ.
ओडिशा में वर्तमान में अहम पद पर तैनात
बिहार में प्रतिनियुक्ति की अवधि पूरी होने के बाद संजय कुमार सिंह अपने मूल कैडर उड़ीसा लौट गए. वहां उन्होंने मुख्यमंत्री के सचिव सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. वर्तमान में वह ओडिशा सरकार के ग्रामीण विकास विभाग में प्रधान सचिव हैं. उनके पास सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी है. जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से उन्हें बिहार लाने की पहल के बाद केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने ओडिशा सरकार से उनकी सतर्कता स्थिति और संपत्ति संबंधी जानकारी मांगी थी. बताया जा रहा है कि प्रतिनियुक्ति से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है.
नीतीश कुमार के करीबी अधिकारियों में रही है गिनती
मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले संजय कुमार सिंह को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी अधिकारियों में भी गिना जाता रहा है. नीतीश कुमार के कार्यकाल के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सचिवालय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. ऐसे में उनकी संभावित नियुक्ति को प्रशासनिक अनुभव के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि, उन्हें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का प्रधान सचिव बनाया जाएगा या नहीं, इसका अंतिम फैसला और आधिकारिक स्थिति सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी.
IAS संजय कुमार सिंह का प्रशासनिक सफर
आईएएस संजय कुमार सिंह के लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार वे वर्तमान में ओडिशा सरकार में खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग के प्रधान सचिव पद पर सेवाएं दे रहे हैं. इससे पहले ओडिशा व बिहार में कई अहम पदों पर पोस्टेड रहे हैं. आइए जानते हैं यूपीएससी पास करके LBSNAA मसूरी में ट्रेनिंग के बाद किन-किन पदों पर काम करने का मौका मिला.
ओडिशा में जिम्मेदारियां
1997 बैच के ओडिशा कैडर के IAS अधिकारी.
सितंबर 1997 से जुलाई 1999 तक मसूरी में प्रशिक्षण के दौरान असिस्टेंट कलेक्टर रहे.
मई 1999 से अप्रैल 2001 तक गुनुपुर (रायगढ़ा) में सब-कलेक्टर रहे.
मई 2002 में बोलांगीर में DRDA के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहे.
मई 2002 से सितंबर 2004 तक गजपति के जिलाधिकारी रहे.
सितंबर 2004 से अप्रैल 2007 तक गंजाम के जिलाधिकारी रहे.
अप्रैल 2007 से फरवरी 2008 तक जाजपुर के जिलाधिकारी रहे.
मई 2015 से नवंबर 2015 तक रेवेन्यू डिविजनल कमिश्नर रहे.
अगस्त 2022 से ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव हैं.
अगस्त 2022 से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं.
अगस्त 2022 से चीफ कमिश्नर ऑफ कमर्शियल टैक्सेस के पद पर भी रहे हैं.
नवंबर 2024 से खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग के प्रधान सचिव हैं.
जून 2025 से लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रधान सचिव.
बिहार में जिम्मेदारियां
फरवरी 2008 में बिहार प्रतिनियुक्ति पर आए.
फरवरी 2008 से मार्च 2008 तक गृह विभाग में अपर सचिव रहे.
मार्च 2008 से फरवरी 2011 तक गया के जिलाधिकारी रहे.
फरवरी 2011 से जनवरी 2013 तक पटना के जिलाधिकारी रहे.
जनवरी 2013 से फरवरी 2015 तक बिहार के मुख्यमंत्री के सचिव रहे.
फरवरी 2013 से फरवरी 2015 तक बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रहे.
अप्रैल 2013 से फरवरी 2015 तक बिहार ग्रिड कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रहे.
अक्टूबर 2014 से फरवरी 2015 तक बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रहे.
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