जापान में 5.9 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. देश की राजधानी टोक्यो में जमीन कांपने लगी और लोगों दहशत में आ गए. वैसे तो जापान में भूकंप आम बात है, लेकिन इसके बावजूद लोगों को घर से बाहर तक निकलना पड़ा है. जापान में हर साल 1,500 से ज्यादा महसूस होने वाले भूकंप आते हैं और दुनिया के सबसे तीव्र भूकंप के सबसे ज्यादा आंकड़े जापान में ही है.
जापान में इतने भूकंप क्यों आते हैं?
जापान में इतने भूकंप आने की सबसे बड़ी वजह उसकी भौगोलिक स्थिति है. जापान दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक पैसिफिक 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है. इस क्षेत्र में पृथ्वी की कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं. जापान के आसपास पैसिफिक प्लेट, फिलीपीन सी प्लेट, यूरेशियन प्लेट और नॉर्थ अमेरिकन/ओखोट्स्क प्लेट मिलती हैं.
-
'भारत के लिए खतरा बिल्कुल रियल': NDTV वर्ल्ड समिट में माइक्रोसॉफ्ट के AI विशेषज्ञ निकोलस बट्स -
हाथ से निकल रही है AI की ताकत! Google DeepMind के पूर्व रिसर्चर ने भारत में दी सबसे बड़ी चेतावनी -
Shashi Tharoor EXCLUSIVE: NDTV World Summit 2026 में बदलते वर्ल्ड ऑर्डर पर शशि थरूर क्या बोले? -
'चीन से व्यापार भी, सतर्कता भी' : NDTV World Summit में शशि थरूर ने बताया क्यों जरूरी है मल्टी-अलाइनमेंट -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद हैं शाहरुख खान, बोलीं- ‘ओम शांति ओम’ के रीमेक में करना चाहती हूं काम -
रिजीम चेंज नहीं... शशि थरूर ने दी नई परिभाषा, चुनाव आयोग और सरकार को भी दी नसीहत -
NDTV World Summit 2026 : शशि थरूर ने बताया- कांग्रेस को लेफ्ट की जरूरत क्यों -
NDTV World Summit में शशि थरूर ने समझाया कूटनीति का असली मतलब -
चीन पर इतनी निर्भरता भारत के लिए ठीक नहीं- NDTV World Summit में बोले शशि थरूर -
NDTV World Summit 2026 | AI से एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तक, भारत की रिसर्च को कैसे मिलेगी नई उड़ान?
आसान भाषा में इसे ऐसा समझा जा सकता है कि जापान चार टेक्टोनिक प्लेटों के संगम और पैसिफिक रिंग ऑफ फायर पर स्थित है, इसलिए वहां दुनिया के सबसे अधिक भूकंप महसूस किए जाते हैं.
रिंग्स ऑफ फायर क्या है?
'रिंग ऑफ फायर' प्रशांत महासागर के चारों ओर का फैला है. यह भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है. यह घोड़े के नाल की आकार का क्षेत्र है. यह करीब 40 हजार किलोमीटर लंबा है.
इसी इलाके में कोलंबिया और वेनेजुएला जैसे देश भी बसे हुए है. यह क्षेत्र कई टेक्टोनिक प्लेट्स (जैसे प्रशांत प्लेट, नाजका प्लेट और फिलीपींस प्लेट) के मिलन स्थल पर स्थित है.
इन प्लेट्स की गतिविधि के कारण भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट आम बात हैं. दुनिया के 90 फीसदी से अधिक भूकंप इसी 'रिंग आफ फायर' इलाके में आते हैं. दुनिया के लगभग 75 फीसदी सक्रिय ज्वालामुखी इस इलाके में स्थित हैं. इनमें जापान का माउंट फुजी और इंडोनेशिया का क्रकटोआ प्रमुख हैं.
यह भी पढ़ें: चमत्कार नहीं तो और क्या है! भूकंप के मलबे में 3 दिन दबी रही 84 साल की बुजुर्ग महिला, हालत देख डॉक्टर भी हैरान
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं