एक दौर था जब आजम खान समाजवादी पार्टी की सबसे मजबूत आवाजों में से एक हुआ करते थे. लेकिन अब अखिलेश यादव की 'नई समाजवादी' पार्टी में समीकरण बदल गए हैं. क्या अखिलेश यादव अब बीजेपी को उसी की पिच पर घेरने की तैयारी में हैं? 'पीडीए' के अपने सफल फॉर्मूले के साथ-साथ अब अखिलेश 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की राह पर चलते दिख रहे हैं. खबरें हैं कि वो जल्द ही एक रथ यात्रा निकालने वाले हैं, जिसकी शुरुआत अयोध्या या मथुरा जैसी धार्मिक नगरी से हो सकती है. राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मुद्दा उठाने से लेकर शंकराचार्यों से मुलाकात तक, अखिलेश के बदले हुए अंदाज़ के क्या मायने हैं? क्या यह 2027 में सत्ता वापसी के लिए सवर्ण वोटरों को साधने की एक सोची-समझी रणनीति है, या फिर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने का संघर्ष? इस वीडियो में हम अखिलेश यादव की इसी नई राजनीतिक सोच और इसके भविष्य का विश्लेषण करेंगे.