2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी के आंतरिक सर्वे में लगभग 125 मौजूदा विधायकों के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency) की बात सामने आई है. स्थानीय मुद्दों और जनता की नाराजगी को देखते हुए, पार्टी कई मौजूदा विधायकों के टिकट काटने, उम्मीदवार बदलने या नए चेहरों को मौका देने पर विचार कर रही है. सर्वे के मुताबिक, पश्चिम, ब्रज, अवध, कानपुर, काशी और गोरखपुर जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में 30% से 50% तक मौजूदा विधायकों के टिकट खतरे में हैं. इस सर्वे पर समाजवादी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. सपा नेता आजम खान का दावा है कि भाजपा 2027 में 140 से ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएगी और उसका सफाया तय है. उनका कहना है कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक और खराब स्वास्थ्य-शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विफल रही है.