इजराइल पर हमास के हमले की अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, भारत जैसे देशों ने खुलकर निंदा की है. लेकिन चीन और रूस जैसे ताकतवर देश इस संकट पर निष्पक्ष दिखने की कोशिश करते हुए नजर आए. दोनों ने नागरिकों को होने वाले नुकसान पर तो चिंता जताई है, लेकिन हमास की निंदा करने से बचते हुए वो दिखे. कुछ जानकार रूस और चीन के इस रुख पर ये कह रहे हैं कि हमास और इसराइल के बीच अगर संघर्ष लम्बा चला तो उन्हें इसका फायदा होगा. ऐसा कैसे होगा ये समझने की कोशिश करते हैं.