सऊदी अरब से भारत आ रहे तेल टैंकर ने लिया 'यू-टर्न', जानें- वजह

  • 6:07
  • प्रकाशित: जुलाई 21, 2026

ईरान-अमेरिका के बीच पिछले 10 दिन यानी 240 घंटे से चल रहे टकराव ने अब नया रूप ले लिया है. जंग सिर्फ हवाई हमलों तक सीमित नहीं रही, अब इसका असर समंदर और पहाड़ों के नीचे तक पहुंच गया है. समुद्री मोर्चे पर बड़ा अपडेट है. सऊदी अरब से भारत और चीन जा रहे दो तेल टैंकरों ने मंगलवार को लाल सागर में बाब अल-मंदेब के पास यू-टर्न ले लिया. हूती विद्रोहियों की धमकी के बाद दोनों जहाज वापस स्वेज नहर की तरफ मुड़ गए. यमन के हूती ने कहा है कि सऊदी दुश्मन के लिए समुद्री आवाजाही रोकी जाएगी. अगर बाब अल-मंदेब बंद हुआ, तो दुनिया के 10% तेल नेटवर्क पर खतरा मंडरा जाएगा. अमेरिका ने पहले ही 8 कमर्शियल शिप्स को डायवर्ट और सीज किया है. जंग का दूसरा मोर्चा पहाड़ों के नीचे है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने "पिक माउंटेन" में पहाड़ के नीचे गहरी सुरंगों में हजारों सेंट्रीफ्यूज छिपाए हैं. इजराइली इंटेलिजेंस का दावा है कि ईरान फिर से परमाणु प्रोग्राम खड़ा कर रहा है. यही वजह है कि अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान के पोर्ट सिटीज पर एरियल अटैक कर रहे हैं. जवाब में ईरान अंडरग्राउंड मिसाइलों का वीडियो जारी कर खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है.

संबंधित वीडियो