जहां एक ओर दिल्ली से लेकर उत्तराखंड तक अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी माहौल गर्म है, वहीं उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण और बाल विकास मंत्री रेखा आर्या द्वारा सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किए जाने और अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के मामले ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.
यह पहला मौका नहीं है जब रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के रिश्तों या उनसे जुड़े विवादों की चर्चा सार्वजनिक रूप से सामने आई हो. गिरधारी लाल साहू का नाम पहले भी जमीन से जुड़े कई मामलों और विवादों में सामने आ चुका है. जानकारी के अनुसार, उनके खिलाफ भूमि विवादों से जुड़े मुकदमे दर्ज हुए थे. साथ ही उनका नाम बरेली के चर्चित जैन दंपति हत्याकांड में भी सामने आ चुका है.
जमीन और किडनी ट्रांसप्लांट मामले भी रहे चर्चा में
जनवरी 2017 में उत्तराखंड हाईकोर्ट के एक आदेश में जिक्र किया गया था कि साल 2016 में गिरधारी लाल साहू के खिलाफ जमीन से जुड़े पांच मुकदमे दर्ज हुए थे, जिनमें धोखाधड़ी और धमकी जैसे आरोप लगाए गए थे. इनमें से तीन मामलों को बाद में समझौते के आधार पर नवंबर 2016 में खत्म कर दिया गया था.
इसके अलावा अक्टूबर 2017 में उनके पूर्व कर्मचारी नरेश गंगवार ने शिकायत दी थी कि उन्हें श्रीलंका जाकर किडनी ट्रांसप्लांट कराने के बदले पैसे और मकान देने का आश्वासन दिया गया था. शिकायत के बाद मामले की जांच भी की गई थी.
2004 में हुई थी रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू की शादी
रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू की शादी 6 जुलाई 2004 को बरेली में हुई थी. यह गिरधारी लाल साहू की दूसरी शादी थी. हाल ही में दर्ज कराई गई शिकायत में रेखा आर्या ने अपनी शादी के साथ-साथ एक अन्य विवाह का भी जिक्र किया है.
गिरधारी लाल साहू का नाम जून 1990 में बरेली के उद्योगपति नरेश जैन और उनकी पत्नी की हत्या के चर्चित मामले में भी सामने आया था.
बयानों को लेकर भी विवाद
जनवरी 2026 में उत्तराखंड के सोमेश्वर में आयोजित एक कार्यक्रम में गिरधारी लाल साहू का एक बयान विवादों में आ गया था. मंच से दिए गए बयान में उन्होंने बिहार से शादी के लिए लड़कियां मिलने संबंधी टिप्पणी की थी, जिसके बाद बिहार और उत्तराखंड दोनों राज्यों में उनका विरोध हुआ था.
वहीं रेखा आर्या भी अतीत में अपने कुछ निर्णयों और बयानों को लेकर चर्चा में रही हैं. साल 2022 में उनके विभाग की ओर से एक पत्र जारी किया गया था, जिसमें कर्मचारियों, अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से शिवालयों में जल चढ़ाने और उसकी तस्वीर साझा करने को कहा गया था। इसको लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए थे.
बरेली में सरकारी बोर्ड और लाल-नीली बत्ती विवाद
सितंबर 2024 में बरेली में उत्तराखंड सरकार का बोर्ड और लाल-नीली बत्ती लगी एक गाड़ी को लेकर विवाद सामने आया था. इस मामले में रेखा आर्या ने कल्पना मिश्रा और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. इस मामले में भी गिरधारी लाल साहू का नाम चर्चा में आया था.
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संबंधित महिला ने अपने आधार कार्ड और पासपोर्ट में गिरधारी लाल साहू का नाम और बरेली स्थित पते का इस्तेमाल किया. इसके साथ ही सात लाख रुपये नकद और सोने जड़ी रुद्राक्ष माला चोरी होने का आरोप भी लगाया गया था.
परिवार से जुड़े अन्य विवाद भी रहे सुर्खियों में
जुलाई 2022 में गिरधारी लाल साहू की पहली पत्नी से बेटे रिंकू साहू के खिलाफ बरेली में एक सभा के दौरान भीड़ जुटाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी.
इसके बाद जनवरी 2023 में बरेली के जोगी नवादा इलाके में उनके भतीजों सौरभ राठौर और टिंकू राठौर से जुड़े विवाद के दौरान फायरिंग की घटना भी सामने आई थी. उस घटना में कुछ लोग घायल हुए थे.
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