- कार में शराब ले जाने के कड़े नियम बनाए गए हैं.
- शराब की बोतल दूसरे राज्य में ले जाना शख्त मना है.
- कार में शराब लेकर आप ड्राइ स्टेट से गुजर नहीं सकते हैं.
त्योहारी सीजन के दौरान अक्सर लोग अपनी निजी कार से यात्रा करते समय शराब की बोतलें साथ रख लेते हैं. लेकिन अपनी निजी गाड़ी में शराब ले जाने को लेकर देश में बेहद सख्त कानून लागू हैं. आबकारी (Excise) नियमों की सही जानकारी न होने पर आपको न केवल भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है, बल्कि आपकी गाड़ी जब्त हो सकती है और आपको जेल भी हो सकती है. भारत में शराब से जुड़े नियम केंद्रीय न होकर राज्यवार (State-specific) तय होते हैं, इसलिए एक राज्य से दूसरे राज्य में यात्रा करते समय इन नियमों को समझना बेहद जरूरी है.
सीमा पार शराब ले जाना पूरी तरह अवैध
अगर आप एक राज्य से दूसरे राज्य में कार से सफर कर रहे हैं, तो एक राज्य से दूसरे राज्य में शराब ले जाना पूरी तरह गैर-कानूनी (Illegal) है. अगर आपने शराब की बोतल सीलबंद खरीदी है तो भी किसी दूसरे राज्य की सीमा पार करते ही इसे आबकारी टैक्स चोरी और अवैध तस्करी माना जाता है. दिल्ली या हरियाणा से सस्ती शराब खरीदकर उत्तर प्रदेश में ले जाने पर आबकारी अधिनियम के तहत FIR दर्ज हो सकती है और वाहन भी सीज किया जा सकता है.
राज्य के भीतर कितनी शराब ले जाने की है अनुमति?
अगर आप उसी राज्य के भीतर कार से सफर कर रहे हैं जहां से शराब खरीदी गई है, तो इसके सीमित नियम हैं. अधिकांश राज्यों में एक व्यक्ति अपनी निजी कार में अधिकतम 1.5 से 2 लीटर शराब बिना किसी विशेष लाइसेंस के ले जा सकता है. लेकिन कार में खुली हुई शराब की बोतल रखना सख्त मना है. चेकिंग के दौरान इसे कार में शराब पीने की श्रेणी में माना जा सकता है.
ड्राई स्टेट्स में पूर्ण प्रतिबंध
अगर आप गुजरात, बिहार, नागालैंड या मिजोरम जैसे शराब बंदी वाले राज्य की ओर जा रहे हैं या वहां से गुजर रहे हैं, तो आपकी कार में शराब की एक बूंद भी मिलना गंभीर कानूनी अपराध है. ऐसे राज्यों में गैर-जमानती धाराएं लागू होती हैं, जिनमें वाहन जब्ती के साथ सख्त जेल की सजा का प्रावधान है.
शराब पीकर गाड़ी चलाना सबसे बड़ा अपराध
कार में शराब की मौजूदगी के साथ-साथ अगर चालक के शरीर में शराब की मात्रा पाई जाती है, तो मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act) की धारा 185 के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है. ड्राइविंग के दौरान सांस में अल्कोहल की मात्रा 30 mg प्रति 100 ml रक्त से अधिक पाई जाने पर 10000 रुपये का जुर्माना या 6 महीने तक की जेल हो सकती है. या फिर दोनों भी लागू हो सकती है. वहीं दोबारा पकड़े जाने पर जुर्माना 15000 रुपये और 2 साल तक की जेल का प्रावधान है. साथ ही आपका ड्राइविंग लाइसेंस (DL) सस्पेंड किया जा सकता है.
कार चालकों के लिए जरूरी सलाह है कि किसी भी स्थिति में अंतरराज्यीय बॉर्डर पार करते समय गाड़ी में शराब न रखें. अगर राज्य के भीतर शराब ले जा रहे हैं, तो बोतल की सील पैक होनी चाहिए और उसे कार की डिक्की में रखें. इसके साथ हमेशा बिल अपने साथ रखें.
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