जब भी आप अपनी कार या बाइक में पेट्रोल भरवाते हैं, तो टैंक फुल होने के करीब पेट्रोल पंप की नोजल से अचानक 'कट्ट' की आवाज आती है और फ्यूल का प्रवाह रुक जाता है. इसे ऑटो-कट कहा जाता है. कई लोग इसी पॉइंट पर पेट्रोल भरवाना बंद कर देते हैं, तो कुछ इसके बाद भी गाड़ी में पेट्रोल भरवाते हैं. ऐसे में सवाल ये है कि दोनों में से कौन सा तरीका सही है. क्या ऑटो-कट के बाद भी पेट्रोल भरवाना चाहिए या नहीं? आइए समझते हैं कि ऑटो-कट कैसे काम करता है और इसके बाद अतिरिक्त पेट्रोल भरवाना चाहिए या नहीं-
क्या होता है ऑटो-कट?
पेट्रोल पंप की नोजल में एक ऑटोमैटिक सेंसर लगा होता है. जब गाड़ी का टैंक लगभग भर जाता है, तो यह सेंसर उसे पहचान लेता है और फ्यूल की सप्लाई अपने आप बंद कर देता है. इसी प्रक्रिया को ऑटो-कट कहा जाता है. इसका मकसद टैंक को जरूरत से ज्यादा भरने से रोकना और पेट्रोल के बाहर निकलने से बचाना होता है. यानी आपको ऑटो-कट लगने के बाद और पेट्रोल भरवाने की जरूरत नहीं होती है.
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अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के मुताबिक, ऑटो-कट के बाद बार-बार फ्यूल भरवाने से गाड़ी के फ्यूल सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है. गाड़ी की टंकी को इस तरीके से डिजाइन किया जाता है कि उसके अंदर थोड़ी खाली जगह बची रहे. तापमान बढ़ने से फ्यूल भाप बनकर उड़ता है, खासकर गर्मियों के दिनों में. अब अगर टंकी में थोड़ी जहग होती है, तो ये भाप एडजस्ट हो जाती है लेकिन अगर जगह नहीं है, तो इससे प्रेशर पड़ सकता है. आसान शब्दों में समझें, तो पेट्रोल गर्मी में थोड़ा फैलता है. इसलिए टैंक में थोड़ी खाली जगह छोड़ी जाती है. अगर ऑटो-कट के बाद भी पेट्रोल भर दिया जाए, तो फैलने की जगह कम हो जाती है. इससे फ्यूल सिस्टम पर दबाव बढ़ सकता है.
किसे रखना चाहिए ज्यादा ध्यान?अगर आपके पास नई कार, बाइक या कोई आधुनिक वाहन है, तो आपको खास ध्यान रखना चाहिए. इन गाड़ियों में फ्यूल और प्रदूषण कंट्रोल सिस्टम काफी संवेदनशील होते हैं. ऐसे में ज्यादा फ्यूल भरवाना नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए जब भी आप पेट्रोल पंप पर टैंक फुल करवाएं, मशीन के पहली बार ऑटो-कट करते ही रुक जाएं. कर्मचारी से अतिरिक्त पेट्रोल डालने के लिए न कहें. इससे आपकी गाड़ी सुरक्षित रहेगी और बेवजह का खर्च भी नहीं होगा.
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