Rice Cultivation
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मछली, मखाना और पान... बिहार का स्वाद कैसे बना सियासत का औजार?
- Tuesday October 7, 2025
- Reported by: प्रभाकर कुमार, Edited by: प्रभांशु रंजन
मछली, मखाना और पान — ये तीनों बिहार की मिट्टी और समाज की कहानियाँ हैं. हर एक चीज़ किसी क्षेत्र और समुदाय से जुड़ी है — मछली मल्लाहों की, मखाना मिथिला की, और पान मगध की पहचान है. यही कारण है कि राजनीतिक दल इन प्रतीकों का इस्तेमाल भावनात्मक जुड़ाव के लिए करते हैं.
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देश में खरीफ फसलों की बुआई 37.39 लाख हेक्टेयर तक बढ़ी, कृषि मंत्रालय ने जारी किया आंकड़ा
- Monday August 18, 2025
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्रा, Edited by: प्रभांशु रंजन
चावल की फसल का बुआई क्षेत्र 15 अगस्त, 2024 को 362.92 लाख हेक्टेयर था, जो 15 अगस्त, 2025 को बढ़कर 398.59 लाख हेक्टेयर हो गया.
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'कालानमक': नाम पर न जाइए, इस चावल के स्वाद और सुगंध के दीवाने हैं लोग
- Tuesday July 9, 2024
- Written by: राजेश कुमार आर्य
कालानमक चावल आज भी बाझा गांव और पिपरहवा के बीच उगाया जाता है. गौतम बुद्ध की चिता की राख मिट्टी के एक बर्तन में पिपरहवा के नददीक ब्रितानी इंजीनियर विलियन क्लैक्सटॉन पेपे ने 1897 में खोजी थी. इसके साथ वहां चावल के कुछ दाने भी मिले थे.ये दाने कालानमक के थे.
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खरीफ सत्र में धान की बुवाई 21 जुलाई तक तीन प्रतिशत बढ़ी, दलहन का रकबा 10 प्रतिशत घटा
- Monday July 24, 2023
- Reported by: भाषा
चालू खरीफ सत्र (ग्रीष्मकालीन बुवाई) में 21 जुलाई तक धान की बुवाई का क्षेत्रफल तीन प्रतिशत बढ़कर 180.2 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि दलहन का रकबा 10 प्रतिशत घटकर 85.85 लाख हेक्टेयर रह गया है. कृषि मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है. पिछले साल इसी अवधि में धान का रकबा 175.47 लाख हेक्टेयर और दलहन का रकबा 95.22 लाख हेक्टेयर था.
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मछली, मखाना और पान... बिहार का स्वाद कैसे बना सियासत का औजार?
- Tuesday October 7, 2025
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मछली, मखाना और पान — ये तीनों बिहार की मिट्टी और समाज की कहानियाँ हैं. हर एक चीज़ किसी क्षेत्र और समुदाय से जुड़ी है — मछली मल्लाहों की, मखाना मिथिला की, और पान मगध की पहचान है. यही कारण है कि राजनीतिक दल इन प्रतीकों का इस्तेमाल भावनात्मक जुड़ाव के लिए करते हैं.
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देश में खरीफ फसलों की बुआई 37.39 लाख हेक्टेयर तक बढ़ी, कृषि मंत्रालय ने जारी किया आंकड़ा
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चावल की फसल का बुआई क्षेत्र 15 अगस्त, 2024 को 362.92 लाख हेक्टेयर था, जो 15 अगस्त, 2025 को बढ़कर 398.59 लाख हेक्टेयर हो गया.
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- Tuesday July 9, 2024
- Written by: राजेश कुमार आर्य
कालानमक चावल आज भी बाझा गांव और पिपरहवा के बीच उगाया जाता है. गौतम बुद्ध की चिता की राख मिट्टी के एक बर्तन में पिपरहवा के नददीक ब्रितानी इंजीनियर विलियन क्लैक्सटॉन पेपे ने 1897 में खोजी थी. इसके साथ वहां चावल के कुछ दाने भी मिले थे.ये दाने कालानमक के थे.
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खरीफ सत्र में धान की बुवाई 21 जुलाई तक तीन प्रतिशत बढ़ी, दलहन का रकबा 10 प्रतिशत घटा
- Monday July 24, 2023
- Reported by: भाषा
चालू खरीफ सत्र (ग्रीष्मकालीन बुवाई) में 21 जुलाई तक धान की बुवाई का क्षेत्रफल तीन प्रतिशत बढ़कर 180.2 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि दलहन का रकबा 10 प्रतिशत घटकर 85.85 लाख हेक्टेयर रह गया है. कृषि मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है. पिछले साल इसी अवधि में धान का रकबा 175.47 लाख हेक्टेयर और दलहन का रकबा 95.22 लाख हेक्टेयर था.
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