राजस्वामी के अनुसार उन्हें हर रोज रात में सोने पर ऐसा लगता था कि राजम्मा उनसे मन्दिर का अधूरा काम पूरा करने के लिए कर रही हैं. इसके बाद ही उन्होंने उद्घाटन की तैयारी की.
राजस्वामी के अनुसार उन्हें हर रोज रात में सोने पर ऐसा लगता था कि राजम्मा उनसे मन्दिर का अधूरा काम पूरा करने के लिए कर रही हैं. इसके बाद ही उन्होंने उद्घाटन की तैयारी की.