Koregaon Bhima War
- सब
- ख़बरें
-
208वां 'शौर्य दिवस'! पुणे के कोरेगांव भीमा में जश्न, रात 12 बजे आतिशबाजी से गूंजा आसमान
- Thursday January 1, 2026
- Reported by: पूजा भारद्वाज, Edited by: धीरज आव्हाड़
पुणे के कोरेगांव भीमा में 208वां शौर्य दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है. रात 12 बजे आतिशबाजी और ‘जय भीम’ के नारों से आसमान गूंज उठा। यह दिन 1818 की ऐतिहासिक लड़ाई की याद दिलाता है, जब महार सैनिकों ने पेशवा की सेना को परास्त किया था. विजय स्तंभ को फूलों और रोशनी से सजाया गया है.
-
ndtv.in
-
भीमा कोरेगांव केस: आरोपी से कोर्ट ने पूछा- आपने घर पर ‘वार एंड पीस’ किताब क्यों रखी थी?
- Thursday August 29, 2019
- Reported by: भाषा, Edited by: अल्केश कुशवाहा
न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल की पीठ ने गोन्जाल्विस और अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा ऐसी किताबें और सीडी पहली नजर में संकेत देते हैं कि वे राज्य के खिलाफ कुछ सामग्री रखते थे.
-
ndtv.in
-
ब्रिटेन के लिए शहीद भारतीय सैनिकों को सलामी दी जा सकती है, तो भीमा-कोरेगांव के महार सैनिकों को क्यों नहीं?
- Monday January 15, 2018
- रवीश कुमार
अप्रैल 2015, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के लिल (LILLE) स्थित NEUVE-CHAPELLE युद्ध स्मारक गए थे. वहां उन्होंने ब्रिटिश सेना की तरफ से फ्रांस की जमीन पर मारे गए 10,000 भारतीय सैनिकों की शहादत को सलामी दी थी. ऐसा करने वाले वह पहले प्रधानमंत्री बने थे. उन्होंने कहा था कि "हमारे जवानों ने विश्वयुद्ध में विदेशी जमीन पर लड़ाई लड़ी... अपनी निष्ठा, बहादुरी और त्याग के लिए दुनिया की प्रशंसा हासिल की... मैं उन्हें सलाम करता हूं..."
-
ndtv.in
-
208वां 'शौर्य दिवस'! पुणे के कोरेगांव भीमा में जश्न, रात 12 बजे आतिशबाजी से गूंजा आसमान
- Thursday January 1, 2026
- Reported by: पूजा भारद्वाज, Edited by: धीरज आव्हाड़
पुणे के कोरेगांव भीमा में 208वां शौर्य दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है. रात 12 बजे आतिशबाजी और ‘जय भीम’ के नारों से आसमान गूंज उठा। यह दिन 1818 की ऐतिहासिक लड़ाई की याद दिलाता है, जब महार सैनिकों ने पेशवा की सेना को परास्त किया था. विजय स्तंभ को फूलों और रोशनी से सजाया गया है.
-
ndtv.in
-
भीमा कोरेगांव केस: आरोपी से कोर्ट ने पूछा- आपने घर पर ‘वार एंड पीस’ किताब क्यों रखी थी?
- Thursday August 29, 2019
- Reported by: भाषा, Edited by: अल्केश कुशवाहा
न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल की पीठ ने गोन्जाल्विस और अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा ऐसी किताबें और सीडी पहली नजर में संकेत देते हैं कि वे राज्य के खिलाफ कुछ सामग्री रखते थे.
-
ndtv.in
-
ब्रिटेन के लिए शहीद भारतीय सैनिकों को सलामी दी जा सकती है, तो भीमा-कोरेगांव के महार सैनिकों को क्यों नहीं?
- Monday January 15, 2018
- रवीश कुमार
अप्रैल 2015, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के लिल (LILLE) स्थित NEUVE-CHAPELLE युद्ध स्मारक गए थे. वहां उन्होंने ब्रिटिश सेना की तरफ से फ्रांस की जमीन पर मारे गए 10,000 भारतीय सैनिकों की शहादत को सलामी दी थी. ऐसा करने वाले वह पहले प्रधानमंत्री बने थे. उन्होंने कहा था कि "हमारे जवानों ने विश्वयुद्ध में विदेशी जमीन पर लड़ाई लड़ी... अपनी निष्ठा, बहादुरी और त्याग के लिए दुनिया की प्रशंसा हासिल की... मैं उन्हें सलाम करता हूं..."
-
ndtv.in