Kalanamak Rice
-
{
- सब
- ख़बरें
-
जिंक से प्रोटीन-फाइबर तक, पोषक तत्वों से भरपूर काला नमक चावल, सेहत के लिए अनगिनत फायदे
- Saturday May 2, 2026
- Edited by: दीक्षा सिंह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक जीवनशैली में पौष्टिक अनाजों को अपनी थाली में शामिल करना जरूरी है. काला नमक चावल सामान्य सफेद चावल का बेहतर विकल्प साबित हो सकता है.
-
ndtv.in
-
देश में ₹300 तो विदेशों में ₹1500 किलो काला नमक चावल, वैशाली के किसानों की नई पहचान बना 'बुद्ध का महाप्रसाद'
- Friday December 19, 2025
- Edited by: आलोक कुमार ठाकुर
Kalanamak Rice : काला नमक चावल का इतिहास अत्यंत प्राचीन है. माना जाता है कि इसकी खेती उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में गौतम बुद्ध के काल से की जाती रही है. चीनी यात्री फाह्यान के यात्रा वृत्तांत में भी इस चावल का उल्लेख मिलता है. ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कारण इसे महात्मा बुद्ध का महाप्रसाद भी कहा जाता है.
-
ndtv.in
-
'कालानमक': नाम पर न जाइए, इस चावल के स्वाद और सुगंध के दीवाने हैं लोग
- Tuesday July 9, 2024
- Written by: राजेश कुमार आर्य
कालानमक चावल आज भी बाझा गांव और पिपरहवा के बीच उगाया जाता है. गौतम बुद्ध की चिता की राख मिट्टी के एक बर्तन में पिपरहवा के नददीक ब्रितानी इंजीनियर विलियन क्लैक्सटॉन पेपे ने 1897 में खोजी थी. इसके साथ वहां चावल के कुछ दाने भी मिले थे.ये दाने कालानमक के थे.
-
ndtv.in
-
जिंक से प्रोटीन-फाइबर तक, पोषक तत्वों से भरपूर काला नमक चावल, सेहत के लिए अनगिनत फायदे
- Saturday May 2, 2026
- Edited by: दीक्षा सिंह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक जीवनशैली में पौष्टिक अनाजों को अपनी थाली में शामिल करना जरूरी है. काला नमक चावल सामान्य सफेद चावल का बेहतर विकल्प साबित हो सकता है.
-
ndtv.in
-
देश में ₹300 तो विदेशों में ₹1500 किलो काला नमक चावल, वैशाली के किसानों की नई पहचान बना 'बुद्ध का महाप्रसाद'
- Friday December 19, 2025
- Edited by: आलोक कुमार ठाकुर
Kalanamak Rice : काला नमक चावल का इतिहास अत्यंत प्राचीन है. माना जाता है कि इसकी खेती उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में गौतम बुद्ध के काल से की जाती रही है. चीनी यात्री फाह्यान के यात्रा वृत्तांत में भी इस चावल का उल्लेख मिलता है. ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कारण इसे महात्मा बुद्ध का महाप्रसाद भी कहा जाता है.
-
ndtv.in
-
'कालानमक': नाम पर न जाइए, इस चावल के स्वाद और सुगंध के दीवाने हैं लोग
- Tuesday July 9, 2024
- Written by: राजेश कुमार आर्य
कालानमक चावल आज भी बाझा गांव और पिपरहवा के बीच उगाया जाता है. गौतम बुद्ध की चिता की राख मिट्टी के एक बर्तन में पिपरहवा के नददीक ब्रितानी इंजीनियर विलियन क्लैक्सटॉन पेपे ने 1897 में खोजी थी. इसके साथ वहां चावल के कुछ दाने भी मिले थे.ये दाने कालानमक के थे.
-
ndtv.in