Devi Sharan
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IC-814 हाईजैक और 26 साल पहले के वो 173 घंटे जब पूरा हिंदुस्तान सांसें रोके खड़ा था
- Tuesday December 30, 2025
- Edited by: समरजीत सिंह
आतंकियों की मांगें लगातार बदलती रहीं थी. शुरुआत में उन्होंने यात्रियों की रिहाई के बदले कुख्यात आतंकी मसूद अजहर की रिहाई मांगी. फिर मांगों की सूची बढ़ती गई. आतंकियों ने यात्रियों की रिहाई के बदले 36 आतंकवादियों की रिहाई, साजिद अफगानी का शव और 20 करोड़ डॉलर नकद की मांग रखी.
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ndtv.in
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'20 साल में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ' : तालिबान को लेकर बोले वर्ष 1999 में अपहृत प्लेन के पायलट देवी शरण
- Friday August 20, 2021
- Reported by: ANI, Translated by: आनंद नायक
20 साल पहले के मंजर का याद करते हुए शरण ने कहा, 'वे आज भी रॉकेट लांचर लेकर खुली जीप में काबुल की सड़कों पर घूम रहे हैं. ठीक वैसे ही जैसे वे हमारे विमान को कंधार में घेरे हुए थे. उस समय वे हमारी बात नहीं सुन रहे थे. उनका उद्देश्य केवल यह था कि उनकी मांगे पूरी की जाएं. हम जानते थे कि उनकी मांगों के पूरे हुए बिना हम उस स्थिति से बाहर नहीं निकल सकते.'
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IC-814 हाईजैक और 26 साल पहले के वो 173 घंटे जब पूरा हिंदुस्तान सांसें रोके खड़ा था
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आतंकियों की मांगें लगातार बदलती रहीं थी. शुरुआत में उन्होंने यात्रियों की रिहाई के बदले कुख्यात आतंकी मसूद अजहर की रिहाई मांगी. फिर मांगों की सूची बढ़ती गई. आतंकियों ने यात्रियों की रिहाई के बदले 36 आतंकवादियों की रिहाई, साजिद अफगानी का शव और 20 करोड़ डॉलर नकद की मांग रखी.
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20 साल पहले के मंजर का याद करते हुए शरण ने कहा, 'वे आज भी रॉकेट लांचर लेकर खुली जीप में काबुल की सड़कों पर घूम रहे हैं. ठीक वैसे ही जैसे वे हमारे विमान को कंधार में घेरे हुए थे. उस समय वे हमारी बात नहीं सुन रहे थे. उनका उद्देश्य केवल यह था कि उनकी मांगे पूरी की जाएं. हम जानते थे कि उनकी मांगों के पूरे हुए बिना हम उस स्थिति से बाहर नहीं निकल सकते.'
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