Write Off
- सब
- ख़बरें
- वेब स्टोरी
-
बैंकों ने पिछले पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक फंसे कर्ज बट्टे खाते में डाले: सीतारमण
- Tuesday December 13, 2022
- Reported by: भाषा
बैंकों ने पिछले पांच वित्त वर्षों के दौरान 10,09,511 करोड़ रुपये के फंसे कर्ज (एनपीए) बट्टे खाते में डाले हैं. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद को यह जानकारी दी. वित्तमंत्री ने राज्यसभा को एक लिखित उत्तर में कहा कि गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) या फंसे कर्ज को बट्टे खाते में डालते हुए उसे संबंधित बैंक के बही खाते से हटा दिया गया है.
-
ndtv.in
-
पिछले सात सालों में मोदी सरकार ने माफ किये 11 लाख करोड़ के लोन, RTI से खुलासा
- Sunday December 19, 2021
- Reported by: सोहित राकेश मिश्र
केंद्र की एनडीए सरकार ने पिछले 7 सालों में करीब 11 लाख करोड़ रुपये के लोन माफ किए हैं, जो यूपीए सरकार के तुलना में 5 गुना ज़्यादा है. इसका खुलासा आरटीआई में हुआ है और इससे कहीं ना कहीं बैंकों के कमज़ोर हो रहे हालात के बारे में समझा जा सकता है.
-
ndtv.in
-
VIDEO क्लिप शेयर कर राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा, कहा- तो इसलिए संसद में छिपाया गया सच...
- Tuesday April 28, 2020
- Written by: नितेश श्रीवास्तव
कांग्रेस का दावा है कि ‘24 अप्रैल को आरटीआई के जवाब में रिज़र्व बैंक ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए 50 सबसे बड़े बैंक घोटालेबाजों का 68,607 करोड़ रुपया ‘माफ करने’ की बात स्वीकार की. इनमें भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी और नीरव मोदी के नाम भी शामिल हैं’इसी को लेकर गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘संसद में मैंने एक सीधा सा प्रश्न पूछा था- मुझे देश के 50 सबसे बड़े बैंक चोरों के नाम बताइए। वित्त मंत्री ने जवाब नहीं दिया.’’
-
ndtv.in
-
विलफुल डिफॉल्टर मामले पर कांग्रेस ने किया केंद्र सरकार का घेराव, कहा- यह मोदी सरकार की 'जन-धन-गबन योजना' है
- Tuesday April 28, 2020
- Reported by: उमाशंकर सिंह, Edited by: नितेश श्रीवास्तव
आरटीआई के तथ्यों को लेकर कांग्रेस ने डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस कर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. कांग्रेस ने कहा कि भगोड़ों का साथ और भगोड़ों का लोन माफ़, BJP का मूल मंत्र बन गया है. कांग्रेस ने कहा कि 16 मार्च 2020 को राहुल गांधी ने संसद में देश के सबसे बड़े पचास बैंक घोटालेबाजों के नाम पूछे थे लेकिन सरकार ने चुप्पी साध ली और नाम ज़ाहिर नहीं किए.
-
ndtv.in
-
उद्योगों को 3.16 लाख करोड़ की कथित कर्जमाफी पर जानिए क्या बोले वित्त मंत्री अरुण जेटली
- Tuesday October 2, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने उद्योगों को मिले कर्जमाफी की खबरों पर सफाई जारी की है. उन्होंने सोमवार को सफाई देते हुए कहा है कि राइट-ऑफ से किसी प्रकार की कर्जमाफी नहीं हुई है और बैंकों की वसूली की प्रक्रिया सख्ती से जारी है.
-
ndtv.in
-
राजनीतिक रूप से मूर्ख बनने से पहले आर्थिक रूप से शिक्षित बनो
- Tuesday March 6, 2018
- रवीश कुमार
38 विलफुल डिफॉल्टरों के 500 करोड़ रुपये का एनपीए write off कर दिया गया है. इसका मतलब यह हुआ कि बैंक ने अपने मुनाफे से एनपीए के खाते में पैसा डाला और एनपीए के खाते में नुकसान कम दिखने लगा. इसका मतलब यह नहीं हुआ कि जिसने लोन लिया था, उसे माफ कर दिया गया. 'बिज़नेस स्टैंडर्ड' ने यह ख़बर 6 नंबर के पन्ने पर कहीं कोने में छापी है, जबकि पहले पन्ने पर पहली ख़बर बैंकों के एनपीए पर ही है. एनपीए मतलब नॉन परफॉर्मिंग असेट्स, यानी जो लोन लिया गया है, वह चुकाया नहीं गया. हम यह कभी नहीं जान पाएंगे कि एक तरह की माफी का आधार क्या रहा होगा. राजनीतिक पसंद या कुछ और.
-
ndtv.in
-
पीएसयू बैंकों ने पांच साल में 2.49 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बट्टे खाते में डाला
- Monday August 7, 2017
- भाषा
एसबीआई और इसके पांच सहयोगी सहित सार्वजनिक क्षेत्र के 27 बैंकों ने 2016-17 में 81,683 करोड़ रुपये के कर्ज को बट्टे खाते में डाला. यह बीते पांच वित्त वर्ष में किसी भी एक साल में सबसे अधिक राशि रही.
-
ndtv.in
-
बैंकों ने पिछले पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक फंसे कर्ज बट्टे खाते में डाले: सीतारमण
- Tuesday December 13, 2022
- Reported by: भाषा
बैंकों ने पिछले पांच वित्त वर्षों के दौरान 10,09,511 करोड़ रुपये के फंसे कर्ज (एनपीए) बट्टे खाते में डाले हैं. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद को यह जानकारी दी. वित्तमंत्री ने राज्यसभा को एक लिखित उत्तर में कहा कि गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) या फंसे कर्ज को बट्टे खाते में डालते हुए उसे संबंधित बैंक के बही खाते से हटा दिया गया है.
-
ndtv.in
-
पिछले सात सालों में मोदी सरकार ने माफ किये 11 लाख करोड़ के लोन, RTI से खुलासा
- Sunday December 19, 2021
- Reported by: सोहित राकेश मिश्र
केंद्र की एनडीए सरकार ने पिछले 7 सालों में करीब 11 लाख करोड़ रुपये के लोन माफ किए हैं, जो यूपीए सरकार के तुलना में 5 गुना ज़्यादा है. इसका खुलासा आरटीआई में हुआ है और इससे कहीं ना कहीं बैंकों के कमज़ोर हो रहे हालात के बारे में समझा जा सकता है.
-
ndtv.in
-
VIDEO क्लिप शेयर कर राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा, कहा- तो इसलिए संसद में छिपाया गया सच...
- Tuesday April 28, 2020
- Written by: नितेश श्रीवास्तव
कांग्रेस का दावा है कि ‘24 अप्रैल को आरटीआई के जवाब में रिज़र्व बैंक ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए 50 सबसे बड़े बैंक घोटालेबाजों का 68,607 करोड़ रुपया ‘माफ करने’ की बात स्वीकार की. इनमें भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी और नीरव मोदी के नाम भी शामिल हैं’इसी को लेकर गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘संसद में मैंने एक सीधा सा प्रश्न पूछा था- मुझे देश के 50 सबसे बड़े बैंक चोरों के नाम बताइए। वित्त मंत्री ने जवाब नहीं दिया.’’
-
ndtv.in
-
विलफुल डिफॉल्टर मामले पर कांग्रेस ने किया केंद्र सरकार का घेराव, कहा- यह मोदी सरकार की 'जन-धन-गबन योजना' है
- Tuesday April 28, 2020
- Reported by: उमाशंकर सिंह, Edited by: नितेश श्रीवास्तव
आरटीआई के तथ्यों को लेकर कांग्रेस ने डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस कर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. कांग्रेस ने कहा कि भगोड़ों का साथ और भगोड़ों का लोन माफ़, BJP का मूल मंत्र बन गया है. कांग्रेस ने कहा कि 16 मार्च 2020 को राहुल गांधी ने संसद में देश के सबसे बड़े पचास बैंक घोटालेबाजों के नाम पूछे थे लेकिन सरकार ने चुप्पी साध ली और नाम ज़ाहिर नहीं किए.
-
ndtv.in
-
उद्योगों को 3.16 लाख करोड़ की कथित कर्जमाफी पर जानिए क्या बोले वित्त मंत्री अरुण जेटली
- Tuesday October 2, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने उद्योगों को मिले कर्जमाफी की खबरों पर सफाई जारी की है. उन्होंने सोमवार को सफाई देते हुए कहा है कि राइट-ऑफ से किसी प्रकार की कर्जमाफी नहीं हुई है और बैंकों की वसूली की प्रक्रिया सख्ती से जारी है.
-
ndtv.in
-
राजनीतिक रूप से मूर्ख बनने से पहले आर्थिक रूप से शिक्षित बनो
- Tuesday March 6, 2018
- रवीश कुमार
38 विलफुल डिफॉल्टरों के 500 करोड़ रुपये का एनपीए write off कर दिया गया है. इसका मतलब यह हुआ कि बैंक ने अपने मुनाफे से एनपीए के खाते में पैसा डाला और एनपीए के खाते में नुकसान कम दिखने लगा. इसका मतलब यह नहीं हुआ कि जिसने लोन लिया था, उसे माफ कर दिया गया. 'बिज़नेस स्टैंडर्ड' ने यह ख़बर 6 नंबर के पन्ने पर कहीं कोने में छापी है, जबकि पहले पन्ने पर पहली ख़बर बैंकों के एनपीए पर ही है. एनपीए मतलब नॉन परफॉर्मिंग असेट्स, यानी जो लोन लिया गया है, वह चुकाया नहीं गया. हम यह कभी नहीं जान पाएंगे कि एक तरह की माफी का आधार क्या रहा होगा. राजनीतिक पसंद या कुछ और.
-
ndtv.in
-
पीएसयू बैंकों ने पांच साल में 2.49 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बट्टे खाते में डाला
- Monday August 7, 2017
- भाषा
एसबीआई और इसके पांच सहयोगी सहित सार्वजनिक क्षेत्र के 27 बैंकों ने 2016-17 में 81,683 करोड़ रुपये के कर्ज को बट्टे खाते में डाला. यह बीते पांच वित्त वर्ष में किसी भी एक साल में सबसे अधिक राशि रही.
-
ndtv.in