Sridevi: अपने चाहने वालों को 'सदमा' देकर 'चांदनी' हुई मौन
करीब पांच दशक तक अपने दमदार अभिनय, बोलती आंखों, शोख मुस्कान और दिलकश अदाओं से सिने प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाली दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी का दुबई में बीती रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया.
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Sridevi: अपने चाहने वालों को 'सदमा' देकर 'चांदनी' हुई मौनसाल 1980 और 1990 के दशक में रुपहले पर्दे पर राज किया. अभिनय के मामले में न तो उनके जैसी और न ही उनसे पहले ऐसी कोई अभिनेत्री हुई, जिसने इतने लंबे समय तक सिनेमा जगत में यह कारनामा किया. अधिकतर समय उनका नाम ही फिल्म की सफलता की गारंटी होता था.
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Sridevi: अपने चाहने वालों को 'सदमा' देकर 'चांदनी' हुई मौनवास्तविक जीवन में बेहद शर्मीले स्वभाव की श्रीदेवी कैमरे के सामने आते ही जीवंत हो उठती थीं. उन्होंने कई यादगार भूमिकाएं कीं. अपने नृत्य की थाप पर लोगों को थिरकने के लिये मजबूर कर देने वाली श्रीदेवी को उनके प्रशंसक 'मिस हवा हवाई' और 'चांदनी' के नाम से भी याद करते हैं.
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Sridevi: अपने चाहने वालों को 'सदमा' देकर 'चांदनी' हुई मौनसाल 2013 में देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित की जा चुकीं श्रीदेवी ने अपने अभिनय की शुरुआत चार साल की उम्र में की थी. उनकी पहली फिल्म वर्ष 1969 में आयी तमिल फिल्म एम ए तिरुमुगम की 'तुनाइवन' थी.
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Sridevi: अपने चाहने वालों को 'सदमा' देकर 'चांदनी' हुई मौनबॉलीवुड में उन्होंने वर्ष 1975 में हिट फिल्म 'जूली' में बाल कलाकार के तौर पर अपने अभिनय की शुरुआत की थी लेकिन दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी उन्होंने अपना अभिनय जारी रखा और '16 वायातिनीले', 'सिगप्पू राजाक्कल', 'मींदम कोकिल' और 'मूंद्रम पिराई' जैसी फिल्में कीं.
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Sridevi: अपने चाहने वालों को 'सदमा' देकर 'चांदनी' हुई मौनपांच साल बाद श्रीदेवी फिल्म 'हिम्मतवाला' में अभिनेता जीतेंद्र के साथ आईं और इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तो धूम मचायी ही साथ ही इसके गीत 'नैनों में सपना' में अप्सरा के रूप में नजर आतीं श्रीदेवी के नृत्य ने भी लोगों को खूब दीवाना बनाया.
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Sridevi: अपने चाहने वालों को 'सदमा' देकर 'चांदनी' हुई मौन'हिम्मतवाला' के बाद श्रीदेवी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और नायक प्रधान फिल्मों के दौर में उन्होंने 'मवाली' (1983), 'तोहफा' (1984), 'मिस्टर इंडिया' (1987), 'चांदनी' (1989), 'चालबाज' (1989), 'लम्हे' (1991) और 'गुमराह' (1993) जैसी फिल्में दीं. बॉक्स ऑफिस पर हिट कहलाने वाली इन फिल्मों के बीच उनकी फिल्म 'सदमा' एक अलग पहचान रखती है. यह फिल्म 1983 में आई थी.
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Sridevi: अपने चाहने वालों को 'सदमा' देकर 'चांदनी' हुई मौनफिल्म 'सदमा' वर्ष 1982 में आयी तमिल फिल्म 'मूंद्रम पिराई' का रीमेक थी. फिल्म का क्लाइमेक्स दृश्य दिल को झकझोर देने वाला था. फिल्म के गीत 'ऐ जिंदगी गले लगा ले' में इसकी पूरी कहानी का निचोड़ था, जो जिंदगी की अनिश्चितता को बयां करता है. इसी फिल्म की लोरी 'सुरमई अंखियों में' आज भी लोगों की पसंदीदा है.
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Sridevi: अपने चाहने वालों को 'सदमा' देकर 'चांदनी' हुई मौनश्रीदेवी की बड़ी बेटी जाह्नवी अपनी पहली फिल्म 'धड़क' की शूटिंग की वजह से मुंबई में ही थीं, लेकिन दुर्भाग्य से श्रीदेवी अपनी बेटी की पहली फिल्म देखने के लिये अब इस दुनिया में नहीं हैं. 'धड़क' मराठी ब्लॉकबस्टर 'सैराट' की रीमेक है.