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महाकुंभ के बाद माघ मेले में भी पहुंचे नागा साधु, देखिए उनका रहस्यलोक

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में आस्था का मेला लगा है. संगम पर स्थान, ध्यान, तप चल रहा है. महाकुंभ के वे दिव्य दृश्य याद आ रहे हैं. माघ मेले में नागा साधु भी पधार चुके हैं. उनका रहस्यलोक फिर खुल रहा है. देखिए प्रयागराज से गुरुवार को आई तस्वीरें...

  • मकर संक्रांति और माघ मेला 2026 के अवसर पर प्रयागराज के संगम तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है. दूर-दराज के नागा साधु पवित्र स्नान के लिए पहुंचे हैं.
  • साधु-संतों का जमावड़ा तटों पर स्नान कर अनुष्ठानों में लीन दिख रहा है, तो वहीं कुछ ऐसे तपस्वी भी हैं, जो अपनी कठोर तपस्या से भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए मेले का हिस्सा बने हैं.
  • माघ मेले में अलग-अलग तरह के नागा साधु देखे जा रहे हैं. कोई शरीर पर भस्म और हाथों में धर्म ध्वजा लिए तो कोई सेंट वाले बाबा के नाम के फेमस है. ये नागा साधु श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.
  • तन पर भस्म रमाए और ईश्वर की भक्ति में लीन ये नागा साधु अपनी ही धुन में मस्त माघ मेले का हिस्सा बन रहे हैं. इन्हें देखने के लिए भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है.
  • गले में रुद्राक्ष की माला तो बहुत देखी होंगी लेकिन माघ मेले में ऐसे नागा साधु भी पहुंचे हैं, जिन्होंने अपना सिर और जटाएं रुद्राक्ष की माला से पाटी हुई हैं.
  • मंत्र, शस्त्र, शास्त्र, त्याग और वैराग्य यह उस जीवन पद्धति के मूल तत्व हैं जिनको नागा साधु अपनाते हैं. वे शैव हैं जो शिव की भक्ति और वैराग्य की शक्ति में लीन रहते हैं.
  • महाकुंभ के बाद माघ मेला साल का सबसे बड़ा मेला बनकर उभरा है, जहां रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु और नागा साधु आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं.
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