- भीमा कोरेगांव मामले पर शरद पवार ने मोदी सरकार पर हमला बोला है
- पवार ने कहा कि केंद्र सरकार का भांडा फूट जाएगा
- केंद्र ने मामले की जांच एनआईए को सौंपी है
राकांपा (NCP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र ने भंडाफोड़ होने के डर से भीमा-कोरेगांव हिंसा (Bhima-Koregaon Violence) मामले की जांच को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपा है. पवार ने कहा कि अन्याय के खिलाफ बोलना नक्सलवाद नहीं है. उन्होंने ने कहा, '' मेरे ख्याल से सरकार को डर है कि उसका भांडा फूट जाएगा. इसलिए (मामले को एनआईए को सौंपने का) फैसला किया गया है.'' पवार ने एल्गार परिषद मामले में कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुणे पुलिस की कार्रवाई की जांच कराने के लिए पिछले महीने सेवानिवृत न्यायाधीश के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की थी.
पुणे पुलिस के मुताबिक, 31 दिसंबर 2017 में पुणे में एल्गार परिषद का सम्मेलन हुआ था. इसको माओवादियों का समर्थन प्राप्त था और कार्यक्रम में भड़काऊ भाषण दिए गए थे जिस वजह से अगले दिन जिले के कोरेगांव भीमा युद्ध स्मारक पर हिंसा हुई. केंद्र ने शुक्रवार को इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी. इससे एक दिन पहले उप मुख्यमंत्री अजित पवार और राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुंबई में बैठक की थी और कोरेगांव भीमा हिंसा मामले की समीक्षा की थी.
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