UCC IN Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की दिशा में अपने कदम तेजी से आगे बढ़ा दिए हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने औपचारिक रूप से इस प्रक्रिया की शुरुआत की घोषणा करते हुए बताया कि समाज के सभी धार्मिक और सामाजिक वर्गों से राय लेने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति काम कर रही है. सरकार का मानना है कि शादी, तलाक और संपत्ति के अधिकार जैसे पारिवारिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून वक्त की जरूरत है. हालांकि, देश के सबसे बड़े आदिवासी बहुल राज्यों में से एक होने के कारण, इस फैसले ने स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक संरक्षण को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है.
भोपाल में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार पूरी पारदर्शिता और संवाद के साथ इस कानून को लाना चाहती है. इसके लिए एक समर्पित वेबसाइट भी शुरू की गई है, जहां राज्य का कोई भी नागरिक अपने सुझाव दर्ज करा सकता है. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आधुनिक दौर में अलग-अलग पर्सनल लॉ की जगह एक ऐसा कानूनी ढांचा होना चाहिए, जो हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के न्याय और समानता की गारंटी दे. इस पूरे मामले के अध्ययन और फीडबैक के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में कानूनी विशेषज्ञों और विद्वानों की समिति बनाई गई है, जो अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता पर जोर
डॉ. मोहन यादव के मुताबिक, प्रस्तावित कानून का सबसे बड़ा फायदा महिलाओं को मिलेगा. उन्होंने कहा कि अक्सर अलग-अलग पारिवारिक कानूनों और प्रथाओं के कारण महिलाओं को शादी, तलाक या पारिवारिक विवादों में अपने अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता है. समान नागरिक संहिता आने से महिलाओं को पुरुषों के बराबर और एक समान कानूनी अधिकार मिल सकेंगे. उत्तराखंड जैसे अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि मध्य प्रदेश भी आपसी संवाद और आम सहमति के जरिए इस ऐतिहासिक सुधार को सफलतापूर्वक लागू करेगा.
आदिवासी बहुल राज्य में प्रथाओं के टकराव के आसार
यूनिफॉर्म सिविल कोड की राह में सबसे बड़ा रोड़ा मध्य प्रदेश की सामाजिक बनावट बन सकती है. दरअसल, राज्य में लगभग 21 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजातियों (ST) की है और विधानसभा की 47 सीटें इस वर्ग के लिए आरक्षित हैं. इन आदिवासी समुदायों में सदियों से शादी, विरासत और पारिवारिक रिश्ते उनके अपने पारंपरिक नियमों से चलते आ रहे हैं, जो मुख्यधारा के कानूनों से काफी अलग हैं. उदाहरण के लिए, यहां आज भी 'दापा प्रथा' प्रचलित है, जिसमें दूल्हे का परिवार दुल्हन के परिवार को वधू मूल्य देता है. इसके अलावा, 'भगेली' या 'लमसेना' जैसी विवाह परंपराएं आदिवासी समाज का अहम हिस्सा हैं. कानूनी जानकारों का मानना है कि इन विविध और गहरी जमीनी प्रथाओं को एक ही कानूनी सांचे में ढालना ड्राफ्टिंग कमेटी के लिए सबसे पेचीदा काम होने वाला है.
यह भी पढ़ें- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में सख्ती: उज्जैन में 20 अवैध मकान ढहाए, कोर्ट स्टे खत्म होते ही कार्रवाई
नीति निर्माताओं के सामने इस समय सबसे बड़ा धर्मसंकट यह है कि वे एक तरफ देश के संविधान में लिखी समानता को लागू करें और दूसरी तरफ आदिवासियों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को भी सुरक्षित रखें. जहां UCC के समर्थक इसे हर नागरिक के हक और कानूनी स्पष्टता के लिए जरूरी बता रहे हैं. वहीं, आलोचकों का मानना है कि आदिवासियों की सदियों पुरानी परंपराओं को इस दायरे में लाने से उनकी अनूठी पहचान को ठेस पहुंच सकती है. हालांकि, इन शंकाओं दूर करने के लिए सरकार ने साफ किया है कि समिति जल्द ही राज्य के अलग-अलग जिलों का दौरा करेगी और विभिन्न धार्मिक व आदिवासी प्रतिनिधियों से सीधे मिलकर उनकी चिंताओं को समझेगी.
यह भी पढ़ें- इंदौर में अचानक बदला मौसम, तेज आंधी-तूफान के चलते दो फ्लाइट की गई डाइवर्ट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं