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मानसून में बाल 2X (दोगुनी स्पीड) से क्यों झड़ते हैं? शहनाज़ हुसैन से जानें हेयरफॉल रोकने के आसान उपाय

Why Hairfall Becomes Double In Monsoon: मानसून आते ही कई लोग बालों के झड़ने की शिकायत करने लगते हैं. बढ़ी हुई नमी, पसीना, स्कैल्प में गंदगी और मौसम में बदलाव बालों की जड़ों को कमजोर बना सकते हैं. ऐसे में अगर समय रहते सही देखभाल न की जाए तो हेयर फॉल की समस्या बढ़ सकती है. आयुर्वेद के अनुसार कुछ आसान आदतें अपनाकर मानसून में भी बालों को स्वस्थ और मजबूत रखा जा सकता है. शहनाज हुसैन ने ऐसे ही कुछ आसान उपाय बताए हैं जो बालों का झड़ना कम करने में मदद कर सकते हैं.

मानसून में बाल 2X (दोगुनी स्पीड) से क्यों झड़ते हैं? शहनाज़ हुसैन से जानें हेयरफॉल रोकने के आसान उपाय
Why Hairfall Becomes Double In Monsoon
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Why Hairfall Becomes Double In Monsoon: मानसून जहां चिलचिलाती गर्मी से राहत देता है. वहीं यह बालों के झड़ने जैसी आम मौसमी समस्या भी लेकर आता है. बारिश के मौसम में बहुत से लोग बालों का ज़्यादा झड़ना महसूस करते हैं और सोचते हैं कि उनके बाल कमज़ोर और पतले क्यों हो रहे हैं. आयुर्वेद के अनुसार, मौसम में बदलाव का शरीर के दोषों पर सीधा असर पड़ता है, और मानसून का मौसम बालों की सेहत के लिए खास तौर पर मुश्किल भरा होता है. शहनाज़ हुसैन से जानें आयुर्वेदिक तरीकों से बालों का ख्याल कैसे रखें और कैसे बालों का झड़ने से रोकें.

मानसून में बाल क्यों ज़्यादा झड़ते हैं? (Why Hairfall Happens More In Monsoon)

आयुर्वेद बताता है कि बारिश का मौसम वात और पित्त दोष को बढ़ाता है और साथ ही पाचन और मेटाबॉलिज्म को कमज़ोर करता है. हवा में नमी बढ़ने से स्कैल्प के माहौल में असंतुलन पैदा होता है, जिससे बालों की जड़ें कमज़ोर हो जाती हैं और उनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है. मानसून में ज़्यादा नमी के कारण स्कैल्प चिपचिपा हो जाता है और गंदगी, प्रदूषण और माइक्रोबियल ग्रोथ को अपनी ओर खींचता है. इससे डैंड्रफ, खुजली, स्कैल्प में इन्फेक्शन और हेयर फॉलिकल्स के बंद होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिससे बाल ज़्यादा झड़ते हैं. साथ ही, तापमान में उतार-चढ़ाव और धूप कम मिलने से बालों की सेहत और पोषण पर भी असर पड़ सकता है.

आयुर्वेद स्वस्थ बालों को संतुलित पोषण, मज़बूत पाचन और सही ब्लड सर्कुलेशन का नतीजा मानता है. जब ये चीज़ें बिगड़ती हैं, तो बालों पर सबसे पहले असंतुलन के लक्षण दिखाई देते हैं.

आयुर्वेदिक नज़रिया

आयुर्वेद के अनुसार, बालों की देखभाल सिर्फ़ बाहरी उपचार तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए. संतुलित जीवनशैली, अच्छा पाचन, सही पोषण, तनाव का प्रबंधन और नियमित हर्बल देखभाल मिलकर बालों को मज़बूत और स्वस्थ बनाए रखते हैं. मानसून के मौसम में आसान आयुर्वेदिक तरीकों को अपनाकर आप बालों का झड़ना कम कर सकते हैं, अपने स्कैल्प की सुरक्षा कर सकते हैं और बारिश के मौसम में भी अपने बालों को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रख सकते हैं. यहां शहनाज़ हुसैन बता रही हैं मानसून में बालों को झड़ने से बचाने के आसान आयुर्वेदिक उपाय.

1. हर्बल तेलों से स्कैल्प को पोषण दें

नियमित रूप से तेल से मालिश करना, बालों की जड़ों को मज़बूत करने के लिए आयुर्वेद के सबसे असरदार उपायों में से एक है. भृंगराज, आंवला, ब्राह्मी और नीम जैसी जड़ी-बूटियों वाले तेल स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने, फॉलिकल्स को पोषण देने और बालों का झड़ना कम करने में मदद करते हैं. हफ्ते में दो से तीन बार हल्के हाथों से स्कैल्प की मालिश करने से बालों की सेहत में काफी सुधार हो सकता है.

2. स्कैल्प को साफ़ और सूखा रखें

नमी फंगल और बैक्टीरियल ग्रोथ को बढ़ावा देती है. अतिरिक्त तेल और गंदगी को हटाने के लिए माइल्ड हर्बल क्लींजर से नियमित रूप से बाल धोएं. गीले बालों को बांधने से बचें, क्योंकि स्कैल्प में फंसी नमी जड़ों को कमज़ोर कर सकती है और बालों के झड़ने को बढ़ा सकती है.

3. बालों के लिए फायदेमंद डाइट लें

आयुर्वेद स्वस्थ बालों के लिए अंदरूनी पोषण पर ज़ोर देता है. अपनी डाइट में मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, अंकुरित अनाज, नट्स, बीज और प्रोटीन से भरपूर चीज़ें शामिल करें. बालों की ग्रोथ और जड़ों को मज़बूत करने के लिए पारंपरिक रूप से आंवला, तिल, करी पत्ता और ताज़ी सब्ज़ियों की सलाह दी जाती है.

4. पाचन में मदद करें

मानसून के दौरान कमज़ोर पाचन से शरीर में टॉक्सिन्स (जिन्हें 'आमा' कहा जाता है) जमा हो सकते हैं, जो बालों की सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं. गर्म और ताज़ा बना खाना खाएं और ज़्यादा तला-भुना, प्रोसेस्ड और भारी खाना खाने से बचें. अदरक या तुलसी वाली हर्बल चाय पाचन को संतुलित रखने में मदद कर सकती है.

5. तनाव कम करें और अच्छी नींद लें

तनाव बालों के झड़ने का एक बड़ा कारण है. ध्यान (मेडिटेशन), योग और गहरी साँस लेने जैसी आयुर्वेदिक पद्धतियाँ मन को शांत करने और दोषों को संतुलित करने में मदद करती हैं. अच्छी नींद लेना भी उतना ही ज़रूरी है, क्योंकि आराम के समय शरीर टिशूज़ की मरम्मत और उन्हें दोबारा बनाने का काम करता है.

6. हर्बल हेयर पैक का इस्तेमाल करें

बालों को मज़बूत बनाने और स्कैल्प की सेहत बनाए रखने के लिए हेयर मास्क में आंवला, मेथी, गुड़हल और नीम जैसी प्राकृतिक चीज़ों का इस्तेमाल किया जा सकता है. ये जड़ी-बूटियाँ बालों को पोषण देती हैं और साथ ही डैंड्रफ और स्कैल्प की जलन को कम करने में मदद करती हैं.

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