Thand Me Hath Pair Sunn Hona: सर्दियों में कई लोगों को ठंड लगने पर हाथ-पैर सुन्न पड़ने, झनझनाहट या रंग बदलने की समस्या होती है. आमतौर पर इसे सामान्य ठंड का असर मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार, कुछ मामलों में यह ऑटोइम्यून बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकता है. खासकर अगर यह समस्या बार-बार हो, ज्यादा देर तक रहे या दर्द के साथ हो, तो सावधान होना जरूरी है. आकाश हेल्थकेयर के डायरेक्टर एंड हैड ऑर्थोपेडिक्स, डॉ. आशीष चौधरी से जानिए ठंड में हाथ-पैर क्यों सुन्न होते हैं और इससे कैसे बचाव करें?
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रेयनॉड्स फिनॉमेनन क्या है?
रेयनॉड्स फिनॉमेनन एक ऐसी स्थिति है, जिसमें ठंड या तनाव के कारण उंगलियों और पैरों की छोटी रक्त नलिकाएं अचानक सिकुड़ जाती हैं. इससे उस हिस्से में खून का फ्लो कम हो जाता है और उंगलियां पहले सफेद, फिर नीली और बाद में लाल हो सकती हैं. इसके साथ सुन्नपन, झनझनाहट या दर्द भी महसूस होता है. रेयनॉड्स फिनॉमेनन कई बार अपने-आप होने वाली स्थिति हो सकती है, लेकिन यह ल्यूपस, स्क्लेरोडर्मा या रूमेटाइड आर्थराइटिस जैसी ऑटोइम्यून बीमारियों से भी जुड़ा हो सकता है. रेयनॉड्स दो प्रकार का होता है प्राइमरी, जो आमतौर पर हल्का और कम खतरनाक होता है और सेकेंडरी, जो किसी गंभीर बीमारी से जुड़ा हो सकता है.
ठंड में हाथ-पैर सुन्न होने के अन्य कारण
ठंड में हाथ-पैर सुन्न होने के पीछे केवल रेयनॉड्स ही नहीं, बल्कि कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं.
- डायबिटिक न्यूरोपैथी- शुगर के मरीजों में नसों को नुकसान
- विटामिन B12 की कमी
- थायराइड की समस्या
- पेरिफेरल आर्टरी डिजीज
- ऑटोइम्यून रोग जैसे ल्यूपस, शोग्रेन सिंड्रोम, स्क्लेरोडर्मा
डॉ. आशीष चौधरी के मुताबिक, अगर सुन्नपन के साथ कमजोरी, जलन या दर्द भी हो, तो यह नसों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है और जांच जरूरी हो जाती है.
डॉक्टर को कब दिखाना पड़ता है?अगर, हाथ-पैर का सुन्न होना केवल हल्की ठंड में थोड़ी देर के लिए होता है और गर्म करने पर ठीक हो जाता है, तो आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती, लेकिन उंगलियों का रंग बार-बार सफेद या नीला पड़ना, तेज दर्द या सूजन, घाव या छाले बनना, सुन्नपन के साथ थकान और जोड़ों में दर्द या त्वचा में बदलाव आदि की समस्या होती है तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.