त्वचा के लिए मुल्तानी मिट्टी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. लेकिन बारिश के मौसम में अधिकतर लोगों का सवाल रहता है कि क्या इस मौसम में मुल्तानी मिट्टी लगानी चाहिए. वहीं, कुछ लोगों को मानना है कि मानसून में त्वचा ज्यादा ऑयली हो जाती है, इसलिए मुल्तानी मिट्टी जितनी ज्यादा लगाई जाए, उतना बेहतर है. लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि बारिश के मौसम में मुल्तानी मिट्टी लगाने का सही समय और तरीका क्या है. इसकी जानकारी पैसिफिक वनहेल्थ हॉस्पिटल में डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर मोलिशा भंडारी ने दी है.
कैसे चुनें स्किनकेयर प्रोडक्ट या घरेलू नुस्खे?
डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार किसी भी स्किनकेयर प्रोडक्ट या घरेलू नुस्खे का चुनाव मौसम नहीं, बल्कि त्वचा की जरूरतों के अनुसार करना चाहिए. बरसात में नमी बढ़ने से त्वचा पर सीबम (Sebum) का लेवल बढ़ सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि त्वचा को बार-बार ड्राई करना जरूरी है. ज्यादा ऑयल हटाने की कोशिश कई बार उल्टा असर करती है और त्वचा और अधिक तेल बनाना शुरू कर देती है.
क्या बरसात में मुल्तानी मिट्टी लगाना फायदेमंद है?
डॉक्टर मोलिशा के अनुसार मुल्तानी मिट्टी में तेल और गंदगी को सोखने की क्षमता होती है. इसलिए ऑयली और एक्ने-प्रोन त्वचा वाले लोगों के लिए यह सीमित मात्रा में उपयोगी हो सकती है. हालांकि, यह कोई ट्रीटमेंट नहीं है. अगर बार-बार मुंहासे हो रहे हैं, दर्द वाले पिंपल्स हैं या दाग बढ़ रहे हैं, तो केवल मुल्तानी मिट्टी से समस्या का समाधान नहीं होगा. इसके अलावा जिन लोगों की स्किन ड्राई और सेंसिटिव है, उनके मुल्तानी मिट्टी के बार-बार इस्तेमाल से स्किन बैरियर कमजोर हो सकता है. साथ ही इससे ड्रायनेस भी बढ़ सकती है.

मुल्तानी मिट्टी लगाने का सही समय
डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताया कि बरसात में मुल्तानी मिट्टी लगाने का सबसे अच्छा समय शाम का होता है. पूरे दिन धूल, प्रदूषण, पसीना और अतिरिक्त तेल के संपर्क में रहने के बाद त्वचा को साफ करने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है. सुबह इसे लगाने की जरूरत नहीं होती, खासकर यदि आपको तुरंत बाहर निकलना हो. ध्यान रखें कि मुल्तानी मिट्टी लगाने से पहले चेहरा हमेशा किसी माइल्ड, पीएच-बैलेंस्ड क्लींजर से साफ करें.
इसे लगाने का सही तरीका क्या है?
- मुल्तानी मिट्टी की मोटी परत लगाने या इसे पूरी तरह सूखने तक छोड़ देने की आदत से बचना चाहिए.
- ऑयली त्वचा वाले लोग इसे सामान्य पानी या गुलाब जल के साथ मिलाकर पतली परत में लगा सकते हैं.
- अगर त्वचा सेंसिटिव है तो मुल्तानी मिट्टी के साथ एलोवेरा जेल लगाया जा सकता है.
मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल
मुल्तानी मिट्टी फेस पैक को लगभग 10–15 मिनट तक रखें. जैसे ही यह हल्का सूखने लगे, उसे साफ पानी से धो लें. जब मुल्तानी मिट्टी पूरी तरह सूखकर स्किन में खिंचाव पैदा करती है, तब केवल अतिरिक्त तेल ही नहीं बल्कि त्वचा की आवश्यक नमी भी खींचने लगती है. यही कारण है कि कई लोगों को पैक हटाने के बाद रूखापन या जलन महसूस होती है. ऐसे में फेसवॉश के बाद नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर लगाना बहुत जरूरी होता है.

Photo Credit: AI
सप्ताह में कितनी बार इस्तेमाल करें?
- ऑयली और एक्ने-प्रोन स्किन: सप्ताह में 1–2 बार.
- नॉर्मल या कॉम्बिनेशन स्किन: सप्ताह में एक बार काफी है.
- ड्राई, सेंसिटिव या एक्जिमा वाली स्किन: नियमित उपयोग से बचें
किन गलतियों से बचना चाहिए?
सोशल मीडिया पर बताए जाने वाले कई DIY फेस पैक त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं. मुल्तानी मिट्टी में नींबू, बेकिंग सोडा, टूथपेस्ट या सिरका जैसी चीजें मिलाने से त्वचा का pH बिगड़ सकता है और इरिटेशन, पिग्मेंटेशन या एलर्जिक रिएक्शन का खतरा बढ़ सकता है.
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