गार्डनिंग का शौक रखने वाले लोग अपने घर में कई तरह के पौधे लगाते हैं. इन्हीं में से एक है पारिजात का पौधा. इसे हरिसिंगार भी कहा जाता है. पारिजात के पौधे में इतने खूबसूरत फूल आते हैं कि किसी का भी मन मोह लें. इसके अलावा इन फूलों की खुशबू पूरे घर को महका देती है. ऐसे में ज्यादातर लोग अपने घर पर ये पौधा लगाना पसंद करते हैं. लेकिन कई लोगों की शिकायत होती है कि उनका पौधा हरा-भरा होने के बावजूद उसमें फूल नहीं आते. कुछ पौधों में कलियां बनती हैं, लेकिन खिलने से पहले ही पीली या काली होकर झड़ जाती हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है. मशहूर गार्डनिंग एक्सपर्ट चेतना भल्ला ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने पारिजात के पौधे में फूल बढ़ाने और इस पौधे की सही देखभाल करने का तरीका बताया है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
पारिजात के पौधे को कितनी देर धूप में रखना चाहिए?
गार्डनिंग एक्सपर्ट बताती है, खासकर सितंबर के बाद पारिजात के पौधे की देखभाल पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है. इस पौधे को रोजाना करीब 5-6 घंटे की सीधी धूप मिलनी चाहिए. साथ ही रात में इसे पूरी तरह अंधेरा चाहिए. इसलिए अगर आपने अपने पारिजात के पौधे को ऐसी जगह रखा है, जहां इसपर रात में एलईडी या स्ट्रीट लाइट की रोशनी पड़ती है, तो पौधे को वहां से हटा दें. इससे फूल आने में परेशानी हो सकती है. साथ ही दिन में गमले को ऐसी जगह रखें, जहां इसे अच्छी सूरज की रोशनी मिल सके.
पारिजात के पौधे में कितना पानी डालना चाहिए?गार्डनिंग एक्सपर्ट बताती हैं, अगर आपके पारिजात की कलियां समय से पहले गिर जाती हैं, तो इसके पीछे गलत तरीके से पानी देना एक वजह हो सकती है. इस पौधे को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है. खासकर अक्टूबर के बाद मौसम ठंडा होने लगता है और मिट्टी का पानी धीरे-धीरे सूखता है. ऐसे में इसे रोज पानी देने से पौधे की जड़े गल सकती हैं.
पारिजात के पौधे में केवल तब ही पानी डालें, जब मिट्टी की ऊपर की करीब 2 इंच परत सूख जाए. कोशिश करें कि पानी सुबह 7 से 10 बजे के बीच दें. इससे दिनभर में अतिरिक्त नमी सूख जाती है और कलियों को ज्यादा नुकसान नहीं होता है. शाम के समय पौधे में पानी न डालें.
पारिजात के पौधे की मिट्टी कैसी होनी चाहिए?इसे लेकर चेतना भल्ला बताती हैं, अगर आप चाहते हैं कि आपका पारिजात का पौधा अच्छी तरह बढ़े, पौधा घना हो जाए और खूब फूल आएं, तो मिट्टी का अच्छा होना जरूरी है. इस पौधे को हल्की अम्लीय मिट्टी पसंद होती है, जिसका पीएच 6.2 से 6.8 के बीच होना चाहिए. अगर मिट्टी ज्यादा क्षारीय हो जाती है तो पौधा खाद में मौजूद पोषक तत्वों को ठीक से नहीं ले पाता.
मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए उसमें अच्छी तरह सड़ी हुई वर्मी कंपोस्ट या घर की बनी कंपोस्ट मिलाएं. इसके साथ बोन मील या रॉक फॉस्फेट भी डाल सकते हैं. ये पौधे को फॉस्फोरस देते हैं, जिससे जड़ों को मजबूती मिलती है और फूल आने में मदद मिलती है.
पारिजात के पौधे पर ज्यादा फूल लाने के लिए क्या करें?गार्डनिंग एक्सपर्ट कहती हैं, अगर आपके पारिजात के पौधे में फूल नहीं आ रहे हैं या बहुत कम कलियां बन रही हैं तो आप फिटकरी का पानी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए करीब 2 ग्राम फिटकरी को 1 लीटर पानी में अच्छी तरह मिलाएं और इसे पौधे की मिट्टी में डाल दें. बस ध्यान रखें कि ये पानी डालने से पहले पौधे में हल्की नमी पहले से ही हो. आप पहले पौधे में नॉर्मल पानी डाल सकते हैं और फिर 2 से 3 घंटे बाद ये फिटकरी वाला पानी दे सकते हैं. ऐसा महीने में केवल एक बार करना काफी है.
इसके अलावा आप 14 से 16 इंच के गमले में 2 चम्मच बोन मील, 1 चम्मच लकड़ी की राख और 2 मुट्ठी वर्मी कंपोस्ट मिलाकर पौधे को दे सकते हैं. सरसों की खली का पानी भी पतला करके दिया जा सकता है. इसके लिए 2 चम्मच खली को 1 लीटर पानी में तीन दिन भिगोएं और फिर इस पानी को 10 लीटर पानी में मिलाकर इस्तेमाल करें. इससे पौधे को जरूरी पोषण मिलेगा, जिससे फिर अच्छी फ्लावरिंग हो सकती है.
इस समय न करें प्रूनिंग और रिपॉटिंगगार्डनिंग एक्सपर्ट बताती हैं, अक्टूबर के आखिर और नवंबर की शुरुआत में पौधे की हार्ड प्रूनिंग, जड़ों की कटाई या रिपॉटिंग करने से बचें. इस समय पौधे को फूल देने के लिए पोषण की जरूरत होती है.
एक्सपर्ट बताती हैं, दिसंबर के आखिर और जनवरी में पौधे की बढ़त थोड़ी धीमी हो सकती है. इस दौरान पौधे में खाद कम डालें और पानी भी जरूरत के अनुसार दें. फिर फरवरी के आखिर या मार्च की शुरुआत में आप हार्ड प्रूनिंग और जरूरत पड़ने पर रिपॉटिंग कर सकते हैं.
इस तरह सही छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपने पारिजात के पौधे के पौधे को घना बना सकते हैं और पौधे में ढेर सारे फूल ला सकते हैं.
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