बच्चों के साथ मजबूत रिश्ता बनाने के लिए जरूरी नहीं कि हर दिन घंटों बैठकर उनसे बात की जाए. पैरंटिंग एक्सपर्ट परीक्षित (@ParikshitJobanputra) ने बताया कि रोज के खाने का सिर्फ 10 मिनट का समय भी बच्चे के साथ बॉन्डिंग मजबूत करने के लिए काफी हो सकता है. अगर इस दौरान माता-पिता और बच्चा एक-दूसरे के साथ दिनभर की बातें शेयर करें, तो धीरे-धीरे बच्चे में भी अपनी बातें बताने की आदत विकसित हो सकती है.
खाने का समय बनाएं शेयरिंग टाइम
एक्सपर्ट ने बताया कि ब्रेकफास्ट, लंच या डिनर में से कोई एक समय परिवार के लिए 'शेयरिंग टाइम' तय किया जा सकता है. अगर माता-पिता घर पर रहते हैं तो स्कूल से लौटने के बाद बच्चे से बात की जा सकती है. वहीं, वर्किंग पैरेंट्स के लिए डिनर का समय इसके लिए बेहतर हो सकता है. बच्चे से सीधे सवालों की बौछार करने के बजाय माता-पिता पहले अपने दिन की बातें शेयर करें. ऑफिस में क्या हुआ, कौन-सी चुनौती आई या दिन में क्या अच्छा रहा, इसके बारे में बच्चे को बताएं. इससे बच्चे को भी समझ आएगा कि अपनी बातें शेयर करना सामान्य और सुरक्षित है.
2 से 3 मिनट बच्चे की भी सुनें
एक्सपर्ट ने आगे बताया कि माता-पिता रोजाना 2-3 मिनट अपनी बातें शेयर करें और इसके बाद बच्चे को भी अपनी बात कहने का मौका दें. बच्चा स्कूल, ट्यूशन, होमवर्क या परीक्षा की तैयारी से जुड़ी कोई भी बाात बताए तो उसे ध्यान से सुनें.
बातों को तुरंत न करें जज
इस आदत का मकसद बच्चे से सिर्फ जानकारी लेना नहीं, बल्कि उसे खुलकर बात करने का मौका देना है. इसलिए उसकी बात सुनते समय तुरंत डांटने या फैसला सुनाने से बचें. जब बच्चा महसूस करेगाा कि उसकी बात सुनी जा रही है, तो वह धीरे-धीरे अपनी feelings और अनुभव भी खुलकर शेयर करने लगेगा.
रोज के 10 मिनट बना सकते हैं खास रिश्ता
पैरंटिंग एक्सपर्ट ने बताया कि रोजाना खाने के समय की यह छोटी-सी आदत बच्चे और माता-पिता के बीच भरोसा और बॉन्डिंग मजबूत करने में मदद कर सकती है. इसके लिए किसी खाास एक्टिविटी की जरूरत नहीं, बस परिवार को रोज कुछ मिनट एक-दूसरे के लिए निकालने होंगे.
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