छोटे बच्चे जाने-अनजाने में कई गलतियां करते हैं. कई बच्चे चिड़चिड़े होकर हाथ उठने लगते हैं. अगर बच्चे के मन के मुताबिक कोई बात न हो, तो वे माता-पिता, भाई-बहन या घर के बड़ों को मारना शुरु कर देते हैं. कुछ बच्चे काटने और बाल खींचने की कोशिश भी करते हैं. ऐसे समय में पेरेंट्स का परेशान और गुस्सा होना स्वाभाविक है. अगर आपका बच्चा भी ऐसा करता है, तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है. सर्टिफाइड चाइल्ड थेरेपिस्ट और पेरेंटिंग काउंसलर प्रनव ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने बच्चे के हाथ उठाने की आदत को छुड़वाने का तरीका बताया है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
बच्चा दूसरों को मारता है तो क्या करें?
नंबर 1- कोई रिएक्शन न देंएक्सपर्ट कहते हैं, जब भी बच्चा हाथ उठाए या काटने की कोशिश करे, तो आप खुद को शांत रखें. बच्चे पर चिल्लाएं नहीं. आप जितना ज्यादा रिएक्शन देंगे बच्चा उतना ही ज्यादा चीजों को दोहरा सकता है. इसलिए सबसे पहले खुद को शांत रखें. अगर आपको गुस्सा आ रहा है, तो थोड़े टाइम के लिए आप बच्चे से दूर जा सकते हैं लेकिन उस समय कुछ रिएक्ट न करें.
नंबर 2- बच्चे को वापस न मारेंचाइल्ड थेरेपिस्ट कहते हैं, बच्चा हाथ उठाए तो आप उसको वापस न मारें न ही डांट लगाए. इससे बच्चे को उलटा यह सीख मिल सकती है कि जब गुस्सा आए तो मारना ठीक है. वह सोच सकता है कि बड़े लोग गुस्से में मार सकते हैं तो वह भी ऐसा कर सकता है.
नंबर 3- बच्चे का दिमाग दूसरी चीजों में लगाएंएक्सपर्ट कहते हैं, ज्यादातर बच्चे गुस्सा या परेशानी को शब्दों में नहीं बता पाते. ऐसे में उनका हाथ चलने लगता है. इस सिचुएशन में बच्चे के दिमाग को भटकाने की कोशिश करें. आप बच्चे को कोई सॉफ्ट बॉल दबाने, तकिए को पकड़ने या अगर आपके घर में कोई छोटा पंचिंग बैग है, तो उसे बच्चे को दे सकते हैं. इससे बच्चा अपनी बॉडी पर कंट्रोल पा सकता है और उसकी बेचैनी थोड़ी कम हो सकती है.
नंबर 4- बच्चे को आराम से समझाएंजब बच्चे का गुस्सा थोड़ा शांत हो, तब उसे आराम से समझाएं. बच्चे से साफ शब्दों में कहें कि 'मैं जानता हूं तुम गुस्से में हो, लेकिन किसी को मारना ठीक नहीं है.' उसे समझाएं कि इस कंडीशन में क्या करना चाहिए या कैसे वो अपनी भावनाओं को कंट्रोल कर सकता है. बताएं कि गुस्सा आना नॉर्मल बात है. जब आप उसे इन बातों को साफ शब्दों में बताएंगे, तब वह धीरे-धीरे अपनी भावनाओं को पहचानना सीख पाएगा. ऐसे में अगली बार बच्चा हाथ उठाने की बजाय आपको खुलकर बता पाएगा कि उसे चिड़चिड़ापन महसूस हो रहा है या गुस्सा आ रहा है, इस कंडीशन में उसे क्या करना चाहिए.
इस तरह छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देकर और सही तरीके से सिखाकर आप अपने बच्चे की मारने या हाथ उठाने की आदत को छुड़वा सकते हैं.
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