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नीलगाय भगाने का देसी जुगाड़ क्या है? नीलगाय किस चीज से डरती है, जान‍िए यहां

नीलगाय को भगाने के लिए क्या करना चाहिए? नीलगाय सारी फसल खराब कर देती है और आपको लगता है क‍ि इन्‍हें खेत से दूर रखने का कोई उपाय नहीं है, तो नीलगाय भगाने के लिए कौन से देसी जुगाड़ हैं, यहां जान‍िए.

नीलगाय भगाने का देसी जुगाड़ क्या है? नीलगाय किस चीज से डरती है, जान‍िए यहां
नीलगाय भगाने की आवाज | Nilgai bhagane ki kaun si dawa hai.

दिनभर खेत में मेहनत करने के बाद सबसे ज्यादा डर तब लगता है, जब रात में नीलगाय फसल में घुस जाती है. कई बार सुबह तक आधी फसल खराब मिलती है. ऐसे में किसान सबसे पहले यही जानना चाहते हैं कि क्या कोई आसान देसी जुगाड़ है, कौन सी दवाई काम करती है, मशीन लगानी चाहिए या फिर रात में जलने वाली लाइट ज्यादा असर करती है. खेती से जुड़े विशेषज्ञों की सलाह के मुताबिक एक ही तरीका हर जगह काम नहीं करता, लेकिन कुछ आसान और सुरक्षित उपायों को साथ में अपनाया जाए तो नीलगाय से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

खेतों से नीलगाय भगाने का देसी जुगाड़ क्या है | Nilgai bhagane ka desi upay

गांवों में कई किसान खेत के चारों तरफ चमकीली रिफ्लेक्टिव टेप बांधते हैं. हवा चलने पर ये टेप हिलती और चमकती है, जिससे नीलगाय कई बार खेत के पास आने से बचती है. इसके अलावा पुराने सीडी, टीन के डिब्बे और घंटियां भी लगाए जाते हैं, ताकि आवाज और चमक से जानवर सतर्क रहें. हालांकि ये तरीका अकेले हर बार काम नहीं करता, इसलिए इसे दूसरे उपायों के साथ अपनाना बेहतर माना जाता है.

नीलगाय भगाने की दवाई कौन सी है | Nilgai bhagane ki dawa

बाजार में कुछ एनिमल रिपेलेंट स्प्रे और गंध वाली दवाइयां मिलती हैं, जिनका मकसद नीलगाय को खेत से दूर रखना होता है. इनमें तेज गंध वाले तत्व होते हैं, जो कुछ समय तक जानवरों को खेत के पास आने से रोक सकते हैं. दवाई का असर हमेशा मौसम और खेत की हालत पर भी निर्भर करता है, इसलिए इसे समय-समय पर दोबारा इस्तेमाल करना पड़ सकता है.

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नीलगाय भगाने के लिए कौन सी मशीन है | Nilgai bhagane ki medicine

आजकल कई किसान सोलर अल्ट्रासोनिक एनिमल रिपेलर और मोशन सेंसर सायरन मशीन का इस्तेमाल कर रहे हैं. जैसे ही कोई जानवर खेत के पास आता है, मशीन आवाज या अल्ट्रासोनिक सिग्नल छोड़ती है. इससे नीलगाय चौंककर पीछे हट सकती है. बिजली की जरूरत कम होने की वजह से सोलर मशीन खेतों के लिए ज्यादा सुविधाजनक मानी जाती है.

नीलगाय किस चीज से डरती है | Nilgai kisse darti hai

नीलगाय अचानक होने वाली तेज आवाज, चमकती रोशनी और अनजान हलचल से चौंक सकती है. यही वजह है कि खेत में घंटियां, टीन के डिब्बे या हिलने वाली चमकीली चीजें लगाने की सलाह दी जाती है. मजबूत तारबंदी या सोलर फेंसिंग जैसे उपाय भी नुकसान कम करने में मदद कर सकते हैं.

नीलगाय को भगाने के लिए कौन सी लाइट है | Nilgai bhagane ke liye light

रात के समय सोलर फ्लैश लाइट और ब्लिंकिंग एलईडी लाइट काफी इस्तेमाल की जाती हैं. ये लाइट बार-बार चमकती रहती है, जिससे नीलगाय सतर्क हो सकती है. कुछ जगह मोशन सेंसर वाली लाइट भी लगाई जाती है, जो जानवर के आते ही अपने आप जल जाती है और उसे चौंका देती है.

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नीलगायों को दूर भगाएंगे ये पांच रामबाण उपाय | Nilgai bhagane ki desi dawa


 नीम की खली

सच तो ये है क‍ि नीम की खली से किसान अपनी फसलों को बचा सकते हैं. इसके लिए 3 किलो नीम की खली और 3 किलो ईंट भट्टे की राख का पाउडर बनाकर प्रति बीघा के हिसाब से खेतों में अच्‍छी तरह से छिड़काव कर दें. इससे फसल को भी फायदा म‍िलेगा और नीम की खली से कीट और रोगों के लगने की समस्या भी पूरी तरह से खत्‍म हो जाएगी. इस पाउडर से नीलगाय खेत के आसपास भी नहीं आएंगे. सच तो ये है क‍ि नीम की गंध से जानवर फसलों से दूरी बना लेते हैं. 

मुर्गी का अंडा


 क‍िसान फसल को बचाने क़े लिए मुर्गी के 10-12 अंडों और 50 ग्राम वाशिंग पाउडर को 25 लीटर पानी में मिलाकर एक घोल तैयार कर लें. इस घोल को खड़ी फसल के मेड़ों पर छिड़काव कर दें. इसकी गंध से छुट्टा जानवर और नीलगाय खेत में ब‍िल्‍कुल भी प्रवेश नहीं करेंगे. यानी इस उपाय को अपनाकर किसान अपनी फसल को बचा सकते हैं. 

राख का करें इस्तेमाल


जंगली जानवर और नीलगाय से फसल को बचाने के लिए राख का इस्तेमाल भी क‍िया जाता है.  किसान घर में तो खाना भी चूल्हे पर पकाते हैं, जहां से लकड़ी जलने के बाद राख मिल जाएगी. उस राख को अच्छे से ठंडा करने के बाद गेहूं, चना, मटर, मक्का और सब्जियों की फसल में छिड़क दें. नीलगाय और जंगली जानवर इसे एक बार तो खाएंगे, लेकिन उसके बाद दोबारा खेत में नहीं घुसेगा और ना ही फसल खाएगा. 

मट्ठा और लहसुन का घोल


 नीलगाय को खेतों की ओर आने से रोकने के लिए 4 लीटर मट्ठे में आधा किलो छिला हुआ लहसुन पीसकर अच्‍छी तरह मिला दें. इसमें 500 ग्राम बालू भी डाल दें. इस घोल को 5 दिन बाद छिड़काव करें. इसकी गंध से करीब 20 दिन तक नीलगाय खेतों में नहीं आएगी. इसे 15 लीटर पानी के साथ भी प्रयोग कर सकते हैं आप.

 मेंड़ पर लगाएं पौधे


वैसे लहसुन के गंध से भी नीलगाय खेतों में नहीं आती है. साथ ही आप अपने खेतों के मेंड़ पर करौंदा, तुलसी, मेथा या फिर लेमन ग्रास का पौधा भी लगा सकते हैं. इन पौधों की सुगंध से नीलगाय आपके खेतों में नहीं घुसेगी. इन सभी उपायों से आप अपनी फसलों को नीलगाय के आतंक से पूरी तरह बचा सकते हैं.
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