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नवरात्रि में व्रत रखना क्यों है जरूरी? आयुर्वेद में है इसके पीछे के वैज्ञान‍िक कारण

Navratri 2026 Fasting: नवरात्रि का व्रत किसी महंगे बॉडी डिटॉक्स रिट्रीट से कम नहीं है. लोग इसे अक्सर पूजा या धर्म से जोड़ते हैं, लेकिन इसके पीछे छिपी साइंस हमारी हेल्थ के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकती है.

नवरात्रि में व्रत रखना क्यों है जरूरी? आयुर्वेद में है इसके पीछे के वैज्ञान‍िक कारण
नई दिल्ली:

Navratri 2026: नवरात्रि में व्रत रखना सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी आयुर्वेदिक सोच भी छिपी हुई है. अक्सर लोग इसे सिर्फ पूजा-पाठ या आस्था (Navratri Puja) से जोड़कर देखते हैं, लेकिन अगर आयुर्वेद की नजर से समझें तो यह शरीर को अंदर से रीसेट करने का एक बेहतरीन मौका होता है.आजकल की भागदौड़ और फास्ट फूड (Fast Food) वाली लाइफ में हम अक्सर अपने शरीर की सुनना भूल जाते हैं. ऐसे में नवरात्रि का व्रत किसी महंगे बॉडी डिटॉक्स रिट्रीट से कम नहीं है. लोग इसे अक्सर पूजा या धर्म से जोड़ते हैं, लेकिन इसके पीछे छिपी साइंस हमारी हेल्थ (Health Benefits of Fasting) के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकती है.

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मौसम बदला तो वाइब्स भी बदली

नवरात्रि तब आती है जब मौसम करवट ले रहा होता है. आयुर्वेद कहता है कि इस ट्रांजिशनल फेज में हमारे शरीर के वात और पित्त दोष थोड़े हिले हुए होते हैं. इसका मतलब है कि आपका पाचन तंत्र थोड़ा सुस्त हो सकता है और आप जल्दी बीमार पड़ सकते हैं. व्रत रखना इस बदलाव से लड़ने का एक नेचुरल तरीका है.

अपने स्टमक को भी दो थोड़ा ब्रेक

हम रोजाना जितना हैवी और स्पाइसी खाना खाते हैं, उससे हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम पर बहुत लोड पड़ता है. व्रत के दौरान जब हम कुट्टू का आटा, दही, सिंघाड़ा या फल जैसा हल्का और सात्विक खाना खाते हैं, तो हमारे पाचन तंत्र को रेस्ट मिलता है. ये थोड़ा ऐसा ही है जैसे आप अपने फोन को रीस्टार्ट करते हैं ताकि वो हैंग न हो.

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Happy Navratri. 

अग्नि को करो रीबूट

आयुर्वेद में पाचन शक्ति को अग्नि कहा गया है. अगर ये अग्नि ठीक है तो आप फिट हैं. व्रत करने से ये अग्नि फिर से एक्टिव होती है और शरीर में जमा टॉक्सिन्स यानी गंदगी बाहर निकलने लगती है. यही वजह है कि व्रत के कुछ दिन बाद आप खुद को बहुत हल्का और एनर्जेटिक फील करने लगते हैं.

मेंटल डिटॉक्स है जरूरी

सिर्फ बॉडी ही क्यों, माइंड को भी तो सुकून चाहिए. व्रत के दौरान जब हम थोड़ा संयम बरतते हैं और ध्यान लगाते हैं, तो हमारा स्ट्रेस लेवल कम होता है. इसे आजकल की भाषा में मेंटल डिटॉक्स कह सकते हैं जो आपको अंदर से बैलेंस करता है.

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व्रत का सुपरफूड और इम्यूनिटी

नवरात्रि में खाए जाने वाले फूड्स जैसे साबूदाना या कुट्टू न सिर्फ पचाने में आसान हैं बल्कि न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होते हैं. ये आपकी इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और आपको मौसमी बीमारियों से बचाते हैं. तो इस बार नवरात्रि को सिर्फ एक व्रत की तरह नहीं, बल्कि अपनी हेल्थ की सर्विस की तरह देखें.
 

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