गर्मियों का महीना खासकर मार्च के महीने को सुस्ती का महीना कहा जाता है, क्योंकि, इस समय हर वक्त नींद, बैचेनी, कमजोरी और बदलता मौसम शरीर को प्रभावित करता है, लेकिन यह आवश्यक नहीं है कि यह सिर्फ मौसम का ही असर हो. कई बार शरीर में कुछ और समस्याएं भी हो सकती हैं. जैसे आम की वृद्धि आम यानी टॉक्सिन की वृद्धि शरीर को थका देती है और शरीर अंदर से कमजोर होना शुरू हो जाता है. ऐसे में आपको क्या करना चाहिए इस आर्टिकल में जानें.
आयुर्वेद में टॉक्सिन की वृद्धि को रोकने के लिए कई तरीके बताए गए हैं, लेकिन हम आपके लिए एक आसान और प्रभावी तरीका लेकर आए हैं, जिससे शरीर के विषाक्त पदार्थ आसानी से बाहर हो सकें. खास बात यह भी है कि इस नुस्खे से जुड़ी सारी सामग्री आसानी से किचन में मिल जाएगी. त्रिफला, गिलोय, शहद और हल्दी को मिलाकर गुनगुने पानी के साथ सुबह खाली पेट सेवन करने की सलाह दी जाती है.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?

त्रिफला, गिलोय, शहद और हल्दी वाला पानी पीने के फायदे- (Triphala Giloy Honey And Turmeric Mixed Water Benefits)
आयुर्वेद के मुताबिक त्रिफला, गिलोय और हल्दी जैसे पारंपरिक घटक पाचन तंत्र, आंतों और यकृत के संतुलन में सहायक माने गए हैं. जब पाचन व्यवस्थित होता है, तो शरीर की स्वाभाविक शुद्धि प्रणाली भी बेहतर तरीके से कार्य करने लगती है. कुछ दिनों तक ऐसे संतुलित संयोजन का उपयोग शरीर को हल्का और व्यवस्थित रखने में सहायक माना जाता है. इसके अलावा, नींबू, अदरक या सौंठ को भी पानी के साथ मंद पड़े पाचन को सही किया जा सकता है.
त्रिफला-
मिश्रण में मौजूद त्रिफला आंतों की सफाई कर आंतों को गतिशील बनाता है और गंदे बैक्टीरिया को खत्म कर मल को निकालने में मदद करता है.
2. गिलोय-
गिलोय को आयुर्वेद में त्रिदोषों को संतुलन करने का साधन माना गया है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर पेट और लिवर को सही से कार्य करने की क्षमता देता है.

Photo Credit: iStock गिलोय को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है.
3. शहद-
शहद आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के प्रभाव को अधिक बढ़ा देता है.
4. हल्दी-
हल्दी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ शरीर से गंदे बैक्टीरिया को भी दूर करने में मददगार है.
नोटः जोड़ों से जुड़ी परेशानी वाले लोग और गर्भवती महिलाएं सेवन से पहले चिकित्सक से सलाह लें. इसके साथ ही बच्चों को भी परामर्श के बाद ही डिटॉक्स करने वाले औषधीय पानी सेवन के लिए दें.
ये भी पढ़ें- 1, 2 या 3 नहीं, अनगिनत पोषक तत्वों से भरा है ये फल, जानें किन लोगों को करना चाहिए Chiku का सेवन
अस्थमा पूरी तरह क्यों ठीक नहीं हो सकता? डॉक्टर ने क्या कहा जानिए
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं