Relationship Tips: भागदौड़ भरी जिंदगी में सुबह का समय अक्सर एक दौड़ जैसा महसूस होता है, खासकर उन कपल्स के लिए जो नौकरी, घर और निजी जिम्मेदारियों के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहे होते हैं. नींद खुलते ही फोन की आवाजें, अलार्म और दिनभर की तैयारी से जुड़े छोटे-छोटे काम शुरू हो जाते हैं. इन सबके बीच आप अपने पार्टनर को समय नहीं दे पाते और रिश्ता अक्सर औपचारिक बातचीत तक सीमित हो जाता है. लेकिन रिश्तों पर काम करने वाले मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि दिन का शुरुआती समय शांत होने के बावजूद जो भावनात्मक भूमिका निभाता है, वह बेहद अहम है.
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रिसर्च के अनुसार, खुशहाल कपल्स सुबह का समय बहुत बड़ी तैयारियों या लंबी बातचीत में नहीं बिताते, बल्कि कुछ आम, नियमित और भावनात्मक आदतों पर ध्यान देते हैं. ये छोटे-छोटे व्यवहार दिन के तनाव की शुरुआत से पहले ही रिश्ते में को मजबूत और सुरक्षा की भावना पैदा करते हैं.
कुछ सेकंड नजदीकी पल
अक्सर सुबह का शारीरिक स्नेह सिर्फ एक “बाय” कहकर निकल जाने तक सिमट जाता है, लेकिन भावनात्मक रूप से मजबूत कपल्स जानते हैं कि meaningful touch जैसे एक छोटा सा हग, एक किस या कुछ सेकंड का नजदीकी पल, दिन की शुरुआत को सकारात्मक बना सकता है. इस तरह का स्पर्श ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन को रिलीज करता है, जो शांति और जुड़ाव की भावना लाता है.
एक-दूसरे को पहचान देने के लिए थोड़ा रुकनासुबह भले ही कामों की भरमार हो, लेकिन खुशहाल कपल्स एक-दूसरे को नजरअंदाज नहीं करते. मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि बस एक गुड मॉर्निंग, एक कप चाय साथ पीना या कुछ सेकंड की मुस्कान भी रिश्ते को मजबूत बनाती है. इन छोटे इशारों की कमी से दिन की शुरुआत ही भावनात्मक दूरी के साथ हो सकती है.
कुछ मिनट साथ बैठकर बातचीत करेंसुबह का समय तनाव और जल्दबाजी भरा हो सकता है. इस दौरान शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन की मात्रा भी ज्यादा होती है, जिससे हम अधिक संवेदनशील या चिड़चिड़े हो सकते हैं. इसलिए खुशहाल कपल्स सुबह शिकायतें, विवाद या भारी व्यावहारिक चर्चाओं से बचते हैं. वह कुछ मिनट साथ बैठकर, तैयार होते हुए या बस मेटाबॉलिज्म एक जगह खड़े रहकर खुद को मानसिक रूप से शांत होने का मौका देते हैं.
सुबह को एक "शेयर्ड सिस्टम" की तरह देखनाअक्सर सुबह का दबाव तब बढ़ता है जब एक ही पार्टनर पर सभी जिम्मेदारियां आ जाती हैं. खुशहाल कपल्स सुबह को एक संयुक्त ऑपरेशन की तरह देखते हैं. कभी एक मदद करता है, कभी दूसरा. मकसद परफेक्ट बंटवारा नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना होता है कि कोई भी पार्टनर अकेला या बोझिल महसूस न करे.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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